केमिकल को कहें बाय-बाय: सहारनपुर ने तैयार किया गोबर का 'शाइनिंग पेंट', जानें क्या हैं इसकी खासियतें उत्तर प्रदेश 2 महीने पहले 81
सहारनपुर नगर निगम ने गोबर से एक खास 'शाइनिंग डिवाइडर पेंट' तैयार किया है जो पूरी तरह केमिकल-मुक्त और सस्ता है। यह पर्यावरण के अनुकूल पेंट अब आम जनता के लिए भी उपलब्ध करा दिया गया है।

गोबर से चमकेंगी शहर की सड़कें

पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहारनपुर नगर निगम ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्मार्ट सिटी इंडिया एक्सपो में राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुकी नगर निगम की गोबर पेंट यूनिट ने अब सड़कों के डिवाइडर के लिए विशेष 'शाइनिंग डिवाइडर पेंट' विकसित किया है। यह पहल न केवल कचरा प्रबंधन में सहायक है, बल्कि शहर की सड़कों को भी एक नई पहचान देगी।

आम जनता के लिए भी खुला रास्ता

नगर निगम ने अब इस प्राकृतिक पेंट का दायरा बढ़ाते हुए इसे आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध कर दिया है। बाजार में मिलने वाले महंगे और केमिकल युक्त पेंट के मुकाबले यह काफी किफायती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पेंट पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसमें किसी भी हानिकारक पदार्थ का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

गोवंश का संरक्षण और आत्मनिर्भरता

सहारनपुर में स्थित मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला इस अनूठी पहल का केंद्र है। यहाँ लगभग 500 से अधिक गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है और उन्हीं के गोबर से उच्च गुणवत्ता वाला इको-फ्रेंडली पेंट तैयार किया जा रहा है। पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा के अनुसार, सहारनपुर उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा नगर निगम है जिसने प्राकृतिक गोबर पेंट बनाने की यूनिट स्थापित की है।

क्यों खास है यह गोबर पेंट?

  • केमिकल-मुक्त: इसमें लेड, जिंक और मर्करी जैसे भारी धातुओं का उपयोग नहीं होता, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाते हैं।
  • किफायती: यह बाजार में मिलने वाले अन्य पेंट की तुलना में काफी सस्ता है।
  • वातावरण के अनुकूल: यह घरों में एसी जैसी ठंडक बनाए रखने में सहायक है।
  • बहुमुखी उपयोग: अभी तक एमल्शन और डिस्टेंपर उपलब्ध थे, लेकिन अब डिवाइडर पेंट के आने से निगम को बाहर से पेंट खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सरकारी कामों में होगा अनिवार्य इस्तेमाल

नगर निगम अब अपनी सभी सरकारी इमारतों और सड़कों के डिवाइडर पर इसी प्राकृतिक पेंट का उपयोग करेगा। साथ ही, निगम के सभी ठेकेदारों के लिए भी इस पेंट का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम से न केवल सरकारी खजाने की बचत होगी, बल्कि गोवंश संरक्षण को भी एक बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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