फ्लोरिडा में अजगरों का आतंक: वैज्ञानिकों ने खोजा ठिकाना, 177 सांप और 4100 अंडे किए नष्ट विश्व 2 महीने पहले 85
अमेरिका के फ्लोरिडा में वैज्ञानिकों ने एक बड़े अभियान के तहत 177 खतरनाक बर्मीज अजगरों को पकड़ा और उनके हजारों अंडों को नष्ट किया। ये अजगर वहां के स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा खतरा बन चुके थे।

फ्लोरिडा के जंगलों से खौफनाक बरामदगी

अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत में इन दिनों वैज्ञानिकों की एक टीम अजगरों के खिलाफ बड़े अभियान पर काम कर रही है। मियामी शहर के आसपास के जंगलों में अजगरों ने अपना मजबूत अड्डा बना लिया था, जिसे अब खाली कराया जा रहा है। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच चले इस ऑपरेशन में 177 खतरनाक अजगरों को पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। पकड़े गए इन सभी सांपों का कुल वजन लगभग 3600 किलोग्राम आंका गया है, जो इस संस्था द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

मादा अजगरों पर वैज्ञानिकों की पैनी नजर

जीवविज्ञानियों ने इस बार विशेष रूप से गर्भवती मादा अजगरों को अपना निशाना बनाया है। अध्ययन में पाया गया कि प्रत्येक मादा औसतन 70 अंडे ले जा रही थी। इस अभियान के दौरान एक मादा अजगर की लंबाई 17 फीट और वजन 153 पाउंड दर्ज किया गया। वैज्ञानिकों की इस तत्परता का नतीजा यह रहा कि 4100 अजगर के अंडों को प्राकृतिक परिवेश में फैलने से पहले ही नष्ट कर दिया गया, जिससे भविष्य में बड़ी आबादी को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

अजगरों को ढूंढने का अनोखा तरीका

इन खतरनाक जीवों को खोजने के लिए वैज्ञानिकों ने रेडियो टैगिंग तकनीक का सहारा लिया। टीम ने पहले से पकड़े गए 40 नर अजगरों के शरीर में रेडियो टैग लगाए और उन्हें वापस जंगल में छोड़ दिया। इन नर सांपों का पीछा करते हुए वैज्ञानिक उस जगह तक पहुँच गए जहाँ अजगरों का प्रजनन सीजन चल रहा था। इसी तकनीक की मदद से मादा अजगरों और उनके छिपने के स्थानों तक पहुँच पाना आसान हो गया।

पर्यावरण के लिए क्यों खतरा हैं ये अजगर?

बर्मीज प्रजाति के ये अजगर फ्लोरिडा के मूल निवासी नहीं हैं। इन्हें 1970 के दशक में एशिया से शौक के लिए लाया गया था और बाद में इन्हें जंगलों में छोड़ दिया गया। वहां का मौसम इनके अनुकूल होने और कोई प्राकृतिक शिकारी न होने के कारण इनकी संख्या बढ़कर 1 से 3 लाख के बीच हो गई है। ये अजगर स्थानीय वन्यजीवों का शिकार कर रहे हैं। पकड़े गए अजगरों की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि हर चार में से एक मादा अजगर ने हिरण को अपना आहार बनाया था। पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए अब इन विदेशी प्रजातियों को हटाना अनिवार्य हो गया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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