उपनाम: प्रेरणादायक कहानी
डांस इंडिया डांस का सितारा आज हैदराबाद की सड़कों पर बेच रहा है समोसे, संघर्ष की कहानी सुन नम हो जाएंगी आंखें
कभी मशहूर रियलिटी शो डांस इंडिया डांस के मंच पर अपने हुनर का जलवा बिखेरने वाले श्यामनाथ गोस्वामी की जिंदगी ने ऐसा रुख लिया कि अब उन्हें परिवार चलाने के लिए सड़कों पर ठेला लगाना पड़ रहा है।
दिल्ली की मजदूरी से शुरू हुआ सफर, अब खिलौनों के व्यापार से कमाते हैं 20 हजार महीना
मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले मोहम्मद अंसारी ने कभी दिल्ली में मजदूरी की थी, लेकिन आज वे अपने खिलौनों के कारोबार से आत्मनिर्भर होकर हर महीने 20 हजार रुपए की कमाई कर रहे हैं।
गयाजी: संगीत और साहित्य की मिठास से बदल रही ऑब्जर्वेशन होम के बच्चों की जिंदगी, सुधा मिश्रा की अनोखी पहल
गया जिले की एक शिक्षिका सुधा मिश्रा अपने अनूठे शिक्षण कौशल से ऑब्जर्वेशन होम में रहने वाले बच्चों के भविष्य को नया आकार दे रही हैं। वे पारंपरिक पढ़ाई के बजाय गीत, संगीत और कविता के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रही हैं।
8 हजार रुपये से शुरू किया फलों का काम, 20 साल की कड़ी मेहनत से बदली पूरन राठौर की किस्मत
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रहने वाले पूरन राठौर और उनकी पत्नी ने बेहद कम पूंजी से अपना सफर शुरू किया और दो दशक की ईमानदारी भरी मेहनत से आज अपने पूरे परिवार का सहारा बन गए हैं।
लोग पूछते थे बेटे को पढ़ाकर क्या प्रोफेसर बनाओगी? पंकज ने सफलता की मिसाल पेश कर दिया करारा जवाब
पूर्णिया के एक किसान परिवार में जन्मे पंकज कुमार साह ने तानों को अपनी ताकत बनाकर असिस्टेंट प्रोफेसर का मुकाम हासिल किया है। अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कठिन परिस्थितियों और असफलता का डटकर सामना किया।
90 फीसदी दिव्यांगता और सेरेब्रल पाल्सी को दी मात, ऑटो ड्राइवर के बेटे ने IIT मद्रास में हासिल की सीट
17 वर्षीय जे. संतोष ने अपनी शारीरिक चुनौतियों को दरकिनार करते हुए IIT मद्रास के प्रतिष्ठित बीएस प्रोग्राम में दाखिला लेकर एक मिसाल कायम की है।
खंडवा की अनूठी मिसाल: आंखों की रोशनी नहीं, पर जज्बे से संवार रहे बच्चों का भविष्य, 33 साल से शिक्षा का अलख जगा रहे दंपती
मध्य प्रदेश के खंडवा में नंदराम और शकुंतला आवचे नाम का एक दृष्टिबाधित शिक्षक दंपती अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर दशकों से बच्चों को पढ़ा रहा है। नंदराम पिछले 33 वर्षों से और उनकी पत्नी शकुंतला 17 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे है...
संघर्षों को मात देकर शिक्षक द्विती चंद्र साहू बने प्रेरणा, राष्ट्रपति से मिला राष्ट्रीय सम्मान
ओडिशा के रायगड़ा जिले के एक आदिवासी इलाके में बच्चों का भविष्य संवार रहे शिक्षक द्विती चंद्र साहू की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। गरीबी के दिनों में अखबार बेचकर पढ़ाई पूरी करने वाले द्विती ने आज अपने नवाचारों से शिक्षा के क्षेत्र में नई लकीर खीं...
नौकरी को कहा अलविदा, 40 लाख का पैकेज छोड़कर पूर्णिया में खड़ा किया डेयरी का बड़ा साम्राज्य
इंद्र चौरसिया ने एमबीए करने के बाद मिलने वाली 40 लाख रुपये सालाना की आकर्षक नौकरी को छोड़कर अपने गृह नगर पूर्णिया में डेयरी का व्यवसाय शुरू किया और आज इसे एक सफल ब्रांड बना दिया है।
NEET की सफलता की कहानी: सड़क किनारे आलू बेचकर पढ़ाई की, आठवीं कोशिश में अल्ताफ बने डॉक्टर
उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले अल्ताफ ने तमाम आर्थिक चुनौतियों और सड़क किनारे आलू बेचने के संघर्ष के बाद अपनी आठवीं कोशिश में NEET परीक्षा पास की है। एक सड़क हादसे ने उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने कड़ी मेहनत से यह मुकाम हा...
रक्षाबंधन 2026: पिता चलाते थे रिक्शा, बहन की एक सलाह ने बदल दी अंबाला के मनोज की किस्मत
अंबाला के मनोज की कहानी एक मिसाल है, जहां उनकी बहन द्वारा दिए गए एक छोटे से विचार ने एक नौकरीपेशा व्यक्ति को नई पहचान दिलाई है।
UPSC में लगातार 4 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार, माइग्रेन के दर्द को सहकर सारिका चौधरी ऐसे बनीं IPS अफसर
स्कूल और कॉलेज में हमेशा टॉपर रहीं सारिका चौधरी UPSC के शुरुआती चार प्रयासों में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थीं। गंभीर माइग्रेन और मानसिक तनाव को मात देकर पांचवें प्रयास में उन्होंने IPS बनने का सपना पूरा किया।
64 की उम्र में एमटेक की सफलता और अब IIM लखनऊ की तैयारी: एक पिता के जज्बे को देख दंग रह गए लोग
उत्तर प्रदेश में डिप्टी सीईओ के पद पर कार्यरत 64 वर्षीय एक वरिष्ठ नागरिक ने कड़ी मेहनत और व्यस्त दिनचर्या के बीच एमटेक की परीक्षा टॉप 10 में पास कर एक मिसाल कायम की है। अब वे IIM लखनऊ से एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम करने की तैयारी कर रहे हैं।
मधुबनी की स्वाति ने रचा इतिहास, 5000 छात्रों को पछाड़कर बनीं एक दिन की डीएम
बिहार के मधुबनी जिले में एक ड्राइवर की बेटी स्वाति कुमारी ने 'ऑफिसर्स फॉर ए डे' कार्यक्रम के जरिए प्रशासनिक दुनिया का अनुभव लिया। अपनी प्रतिभा के दम पर 5000 प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए स्वाति ने एक दिन के लिए जिलाधिकारी की कुर्सी संभाली और महत्वपूर्ण...
साइकिल मिस्त्री की बेटी बनी अफसर, बिना कोचिंग पहले प्रयास में बीपीएससी परीक्षा में पाई सफलता
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रहने वाली दीक्षा सोनी ने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के दम पर बीपीएससी परीक्षा पास कर मिसाल कायम की है। दीक्षा ने अपने पहले ही प्रयास में सप्लाई इंस्पेक्टर का पद हासिल किया है।