उपनाम: पारंपरिक भोजन
करौंदे की चटपटी सब्जी: बघेलखंड के पारंपरिक स्वाद का लें आनंद, बेहद सरल है रेसिपी
अगर आप अपने खाने में कुछ अनोखा और देसी स्वाद ढूंढ रहे हैं, तो बघेलखंड की पारंपरिक करौंदे की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है। यह डिश बनाने में आसान है और अपने खट्टे-मसालेदार स्वाद के कारण सबको बेहद पसंद आती है।
बरसात के मौसम में निमाड़ की खास रेसिपी: गेहूं के आटे का गरमा-गरम हलवा, जानिए बनाने का सही तरीका
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दौरान गेहूं के आटे का हलवा खूब पसंद किया जाता है, जो न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
डीग की यात्रा में स्वाद का तड़का: मेवात के ये 4 पारंपरिक व्यंजन जो आपकी ट्रिप को बना देंगे यादगार
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर डीग की सैर पर जा रहे हैं, तो वहां की शानदार विरासत के साथ-साथ स्थानीय मेवात क्षेत्र के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाना न भूलें।
बरसात में जंगलों से चुनकर लाते हैं ये खास पत्ता, चावल के माड़ के साथ बनती है लाजवाब सब्जी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में ग्रामीण बरसात के दौरान जंगलों से कोचई पत्ते लाते हैं और उसे सुखाकर चावल के माड़ के साथ एक खास पारंपरिक डिश तैयार करते हैं। यह तरीका उन्हें बाजार पर निर्भर रहने से बचाता है और स्वाद में भी लाजवाब है।
पेनी फ्राई मीट रेसिपी: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम, चंद मिनटों में तैयार करें यह खास व्यंजन
अगर आप मांसाहारी भोजन के शौकीन हैं और कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो डोका यानी घोंघे का पेनी फ्राई मीट एक बेहतरीन विकल्प है। जानिए इसे बनाने की आसान विधि और इससे जुड़े पारंपरिक स्वास्थ्य लाभ।
बस्तर की पारंपरिक खेड़ा भाजी का अनोखा स्वाद, दाल के साथ ऐसे बनाएं लजीज सब्जी
बस्तर में बरसात के दौरान मिलने वाली खेड़ा भाजी सेहत और स्वाद का खजाना है, जिसे स्थानीय लोग दाल के साथ मिलाकर बेहद चाव से खाते हैं।
बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ी स्वाद का लुत्फ: मूली भाजी और दाल की पारंपरिक रेसिपी
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक मूली भाजी और दाल की सब्जी बरसात के मौसम में घरों में खूब पसंद की जाती है। कम मसालों और देसी तड़के वाली यह रेसिपी न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत से भी भरपूर है।
बघेलखंड का खास स्वाद: आम और बड़हर का मिक्स अचार, जो 2 साल तक रहता है ताजा
बघेलखंड की पारंपरिक रसोई में मशहूर आम-बड़हर का अचार अपने चटपटे स्वाद और अनोखी खुशबू के लिए जाना जाता है, जिसे सही विधि से बनाने पर लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
सावन के महीने में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद और भगवान शिव को भोग
सावन का पवित्र महीना छत्तीसगढ़ की समृद्ध खाद्य संस्कृति को उजागर करता है। इस लेख में जानिए कि कैसे आप देहरौली, अइरसा और दूध फरा जैसे पारंपरिक पकवान बनाकर महादेव को प्रसन्न कर सकते हैं और अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ का पारंपरिक स्वाद: घर पर ऐसे बनाएं लाजवाब बांधा भजिया की सब्जी
बरसात के मौसम में छत्तीसगढ़ की खास पहचान मानी जाने वाली बांधा भजिया की सब्जी का स्वाद बेहद निराला है। जानिए इसे बनाने की आसान और पारंपरिक विधि, जो रोटी और चावल के साथ परोसने पर खाने का जायका दोगुना कर देती है।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक फिश करी रेसिपी: बारिश के मौसम में ऐसे बनाएं देसी मछली की सब्जी
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान मिलने वाली छोटी मछलियों से बनने वाली यह पारंपरिक रेसिपी अपने अनोखे खट्टे स्वाद के लिए जानी जाती है। गरमा-गरम भात के साथ इसका आनंद लेना मानसून का एक खास अनुभव है।
झारखंड का खास रुगड़ा: इस मानसून चिकन-मटन को भूल जाएंगे आप, घर पर ऐसे तैयार करें यह अनोखी डिश
मानसून के दौरान झारखंड के जंगलों में पाया जाने वाला रुगड़ा एक खास देसी मशरूम है, जो अपने स्वाद और पोषक तत्वों के कारण मांसाहारी व्यंजनों को भी टक्कर देता है। जानिए इस दुर्लभ खाद्य सामग्री के बारे में और कैसे बनाएं इसकी लाजवाब सब्जी।
कोडरमा की मशहूर झिल्लियां: कलाकंद और मलाई चॉप के जमाने में भी बरकरार है इस पारंपरिक मिठाई का जलवा
कोडरमा में करीब चार दशक पुरानी झिल्लियां मिठाई आज भी अपनी लोकप्रियता बरकरार रखे हुए है। शुद्ध गेहूं, गुड़ और बिना किसी केमिकल के तैयार होने वाली यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।
भीषण गर्मी में राहत पाने के लिए ट्राई करें ओड़िशा का मशहूर पखाला भात, जानिए इसे बनाने की आसान विधि
ओड़िशा की पारंपरिक डिश पखाला भात लू और गर्मी से बचने का एक शानदार उपाय है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करती है।
गर्मियों का खास तोहफा केर, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे
राजस्थान की पारंपरिक रसोई में अपनी खास जगह रखने वाला केर केवल तीन महीने मिलता है। इसका चटपटा स्वाद और सेहतमंद गुण इसे मारवाड़ और शेखावाटी में बेहद लोकप्रिय बनाते हैं।