झारखंड का खास रुगड़ा: इस मानसून चिकन-मटन को भूल जाएंगे आप, घर पर ऐसे तैयार करें यह अनोखी डिश जीवनशैली 2 महीने पहले 78
मानसून के दौरान झारखंड के जंगलों में पाया जाने वाला रुगड़ा एक खास देसी मशरूम है, जो अपने स्वाद और पोषक तत्वों के कारण मांसाहारी व्यंजनों को भी टक्कर देता है। जानिए इस दुर्लभ खाद्य सामग्री के बारे में और कैसे बनाएं इसकी लाजवाब सब्जी।

रुगड़ा: मानसून का सबसे बेहतरीन तोहफा

बारिश के आते ही प्रकृति अपने साथ कई ऐसी सौगातें लेकर आती है, जिनका स्वाद लेने के लिए लोग साल भर उत्सुक रहते हैं। झारखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही बाजारों में एक खास चीज की धूम मच जाती है, जिसे रुगड़ा के नाम से जाना जाता है। जो लोग पहली बार इसका नाम सुनते हैं, वे अक्सर हैरान रह जाते हैं कि आखिर यह क्या है, लेकिन जो एक बार इसका जायका चख लेते हैं, वे अगली बारिश का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

क्यों खास है रुगड़ा मशरूम?

जंगलों से मिलने वाला यह देसी मशरूम स्वाद, सुगंध और पोषण का एक अनोखा संगम है। कई लोग तो इसकी तुलना स्वाद में चिकन और मटन से करते हैं। यही मुख्य कारण है कि जैसे ही मानसून शुरू होता है, स्थानीय बाजारों में इसकी मांग आसमान छूने लगती है। यदि आप भी पारंपरिक और नई तरह की चीजों का स्वाद चखने के शौकीन हैं, तो रुगड़ा के बारे में जानना आपके लिए बहुत दिलचस्प होगा।

क्या है रुगड़ा और कहां से आता है?

रुगड़ा को झारखंड के विभिन्न इलाकों में पुटू के नाम से भी पुकारा जाता है। यह कोई सामान्य खेत में उगाई जाने वाली सब्जी नहीं है, बल्कि मानसून के दौरान साल के जंगलों में मिट्टी के नीचे प्राकृतिक रूप से पनपने वाला एक जंगली मशरूम है। इसे खोजने के लिए स्थानीय लोग जंगलों में जाते हैं और मिट्टी को सावधानीपूर्वक हटाकर इसे निकालते हैं।

अपनी सीमित उपलब्धता के कारण यह बाजार में आते ही हाथों-हाथ बिक जाता है। इसकी दुर्लभता और मेहनत की वजह से कई बार इसकी कीमत सामान्य मशरूम से काफी ज्यादा होती है। झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में इसे बारिश के मौसम का सबसे पसंदीदा और पौष्टिक आहार माना जाता है।

कैसे बनाएं स्वादिष्ट रुगड़ा करी?

  • सफाई का महत्व: रुगड़ा की ऊपरी सतह पर मिट्टी लगी होती है, इसलिए इसे हल्के गुनगुने पानी में डालकर अच्छी तरह साफ करना बहुत जरूरी है।
  • तैयारी: साफ किए हुए रुगड़ा को दो टुकड़ों में काट लें या साबुत ही रहने दें।
  • मसाले का मेल: कढ़ाई में सरसों तेल गर्म करें। इसमें प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट और स्थानीय मसालों का सही मिश्रण डालें।
  • पकाने की विधि: मसालों को तब तक भूनें जब तक कि तेल अलग न होने लगे। इसके बाद रुगड़ा डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
  • परोसने का तरीका: जब यह पूरी तरह गल जाए और ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तब इसे गरमा-गरम चावल या ताजी रोटी के साथ परोसें।

रुगड़ा करी का स्वाद बेहद लाजवाब होता है, जिसे एक बार खाने के बाद आप बार-बार खाना चाहेंगे। मानसून के इस मौसम में आप भी अपने घर पर इस पारंपरिक झारखंडी व्यंजन का आनंद जरूर लें।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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