डीग की यात्रा में स्वाद का तड़का: मेवात के ये 4 पारंपरिक व्यंजन जो आपकी ट्रिप को बना देंगे यादगार जीवनशैली 2 घंटे पहले 2
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर डीग की सैर पर जा रहे हैं, तो वहां की शानदार विरासत के साथ-साथ स्थानीय मेवात क्षेत्र के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाना न भूलें।

राजस्थान का ऐतिहासिक शहर डीग अपनी आलीशान हवेलियों और महलों के लिए जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डीग और इसके आस-पास के मेवात क्षेत्र की असली पहचान यहां के लजीज खान-पान में भी छिपी है? जब भी आप डीग की यात्रा का कार्यक्रम बनाएं, तो यहां की पारंपरिक रसोई के अनूठे स्वाद का अनुभव जरूर करें। स्थानीय सामग्री और पारंपरिक तरीकों से तैयार किए जाने वाले ये व्यंजन आपकी यात्रा का मजा दोगुना कर देंगे।

मेवात के खास और प्रसिद्ध जायके

डीग के सफर में आपको इन चार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद जरूर चखना चाहिए, जो आपकी जुबान पर हमेशा के लिए चढ़ जाएंगे:

  • आलू-काजू की सब्जी: पर्यटकों के बीच यह सब्जी बेहद लोकप्रिय है। अपने अनोखे स्वाद और खास खुशबू के कारण यह डीग आने वाले हर सैलानी की भोजन की थाली का अहम हिस्सा बन जाती है।
  • जलेबा: अगर आपको मीठा खाना पसंद है, तो यहां का मशहूर जलेबा आपका दिल जीत लेगा। साधारण जलेबी से आकार में काफी बड़ा, कुरकुरा और चाशनी से सराबोर जलेबा यहां का मुख्य आकर्षण है।
  • मिल्क केक: मेवात इलाके का मिल्क केक अपनी गाढ़ी देसी मिठास और लाजवाब बनावट के लिए जाना जाता है। शुद्ध दूध से तैयार इस मिठाई का स्वाद बेहद अनोखा होता है।
  • दही बड़ा: मुंह में घुल जाने वाला बेहद नरम दही बड़ा स्थानीय दुकानों पर आसानी से मिल जाता है। चटपटी और मीठी चटनियों के मेल के साथ परोसा जाने वाला यह व्यंजन स्वाद के शौकीनों को खूब भाता है।

पारंपरिक तरीकों से तैयार होता है स्वाद

इन सभी व्यंजनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें आज भी पुरानी पद्धति और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली शुद्ध सामग्रियों से तैयार किया जाता है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी इनका असली और देसी स्वाद वैसा ही बना हुआ है। इसलिए जब भी डीग की गलियों में घूमें, तो इतिहास को निहारने के साथ-साथ इन देसी व्यंजनों के सफर पर भी जरूर निकलें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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