उपनाम: मानवाधिकार
यूरोपीय संसद का पाकिस्तान पर कड़ा प्रहार: जबरन धर्मांतरण और बाल विवाह पर अंतरराष्ट्रीय मंच से खुली पोल
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर यूरोपीय संसद ने एक सख्त प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के आधार पर जबरन धर्मांतरण और नाबालिग लड़कियों के शोषण पर चिंता जताई गई है।
बलूचिस्तान में फिर बरपा पाकिस्तानी सेना का कहर, बुलडोजर से ढहाए 10 घर और की गई लोगों की धरपकड़
पाकिस्तान के ग्वादर जिले के जीवानी इलाके में सुरक्षा बलों पर बलूच नागरिकों के घरों को तोड़ने और बड़े पैमाने पर स्थानीय निवासियों को हिरासत में लेने का आरोप लगा है।
बलोच नागरिकों की आजीविका पर पाकिस्तानी सेना का प्रहार, ड्रोन हमले में 100 से ज्यादा मवेशी मारे गए
पाकिस्तान में बलोच समुदाय के खिलाफ सैन्य अत्याचारों का सिलसिला जारी है, जहां अब सेना न केवल लोगों को बल्कि उनकी आजीविका के साधन पशुधन को भी निशाना बना रही है।
पाकिस्तान का दोहरा चेहरा: 125 साल पुराने गुरुद्वारे को ढहाकर तोड़ा धार्मिक भावनाओं का भरोसा
पाकिस्तान में एक ओर ऐतिहासिक हिंदू नामों को बहाल करने का ढोंग रचा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 125 साल पुराने गुरुद्वारा सिंह सभा को जमींदोज कर दिया गया है।
चीन से भागकर 9753 किलोमीटर दूर कनाडा पहुंचे डोंग गुआंगपिंग, रबर की नाव में 40 घंटे मौत से लड़ी जंग
चीन के दमनकारी शासन से तंग आकर 68 वर्षीय लोकतंत्र समर्थक डोंग गुआंगपिंग ने अपनी जान जोखिम में डालकर रबर की एक छोटी नाव से समुद्र पार किया। अंततः 40 घंटे के खतरनाक सफर के बाद वे सुरक्षित कनाडा पहुंच गए और एक दशक बाद खुली हवा में सांस ली।
महरंग बलोच को उम्रकैद की सजा से दुनिया भर में घिरी शहबाज सरकार, संयुक्त राष्ट्र ने भी जताई गहरी चिंता
पाकिस्तान की आतंकवाद निरोधक अदालत द्वारा बलोच कार्यकर्ता महरंग बलोच को उम्रकैद सुनाए जाने के बाद पूरे बलूचिस्तान में भारी आक्रोश है और संयुक्त राष्ट्र ने भी इस प्रक्रिया को अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।
खाकी का क्रूर चेहरा: मुख्यमंत्री के काफिले के लिए दो बहनों पर उड़ेल दिया खौलता पानी, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
राजस्थान में वीआईपी सुरक्षा के नाम पर एक पुलिसकर्मी ने ठेला लगाने वाली दो बहनों पर खौलता हुआ पानी फेंक दिया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गईं। प्रशासन ने आरोपी पुलिसकर्मी को केवल लाइन हाजिर कर पल्ला झाड़ लिया है, जो कि न्याय के नाम पर एक बड़ा मजाक है।
FIFA वर्ल्ड कप: ईरान-मिस्र के मैच में 'रेनबो फ्लैग' लहराने पर क्यों खड़ा हुआ विवाद?
सिएटल में आयोजित फीफा वर्ल्ड कप के दौरान मिस्र और ईरान के बीच खेले गए मुकाबले में समर्थकों द्वारा रेनबो फ्लैग लहराने पर बवाल मच गया। दोनों देशों के फुटबॉल संघों ने इसका कड़ा विरोध किया था, लेकिन फीफा ने प्रशंसकों को यह अनुमति दी थी।
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात पर उठे सवाल, उइगरों के दर्द पर क्यों छाई रही खामोशी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की हालिया मुलाकात के बाद उइगर समुदाय में निराशा है क्योंकि बातचीत में मानवाधिकारों के मुद्दे पर चुप्पी साधी गई।
पाकिस्तान में फ्रांसीसी महिला और 5 बच्चों को मिली आजादी, 10 साल से कोठरी में कैद कर पति दे रहा था टॉर्चर
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक फ्रांसीसी महिला और उसके पांच बच्चों को 10 साल की कैद से मुक्त कराया गया है। महिला ने अपने पाकिस्तानी पति पर गंभीर प्रताड़ना और उन्हें एक जर्जर कमरे में बंद रखने का आरोप लगाया है।
मुजफ्फरनगर का खौफनाक सच: फैक्ट्री में बंधक बनाकर मजदूरों को खिलाते थे सूखी रोटियां, पिटबुल कुत्तों से फैलाते थे दहशत
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक फैक्ट्री से 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया है। इन मजदूरों को अच्छी कमाई का झांसा देकर लाया गया था और फिर उन्हें दो साल तक अमानवीय यातनाएं दी गईं।
बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता महरंग बलोच को उम्रकैद, समर्थकों में भारी आक्रोश
पाकिस्तान की एक अदालत ने बलोच कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच और उनके सहयोगियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिससे बलोचिस्तान में मानवाधिकारों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
पाकिस्तान में बलूच नेताओं के खिलाफ गुप्त ट्रायल का विरोध, जर्मनी के बॉन में गूंजी बलूचिस्तान की आवाज
जर्मनी के बॉन शहर में बलूच कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और 'फेसलेस ट्रायल' के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
पाकिस्तान की हुडा जेल में बलूच नेताओं का 9 दिनों से प्रदर्शन, न्यायिक प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
क्वेटा की जेल में बंद बलूच यकजेहती कमेटी के नेता फेसलेस ट्रायल और मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरोध में लगातार नौवें दिन धरने पर बैठे हैं।
हिजाब न पहनने और स्लीवलेस ड्रेस में गाने पर Parastoo Ahmadi को 74 कोड़ों की सजा
ईरान की एक अदालत ने प्रसिद्ध सिंगर Parastoo Ahmadi को हिजाब न पहनने के कारण 74 कोड़े मारने की सजा सुनाई है। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर मानवाधिकार संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।