संयुक्त राष्ट्र में भारत की दो-टूक, कहा- PoK में दमन और हिंसा का केंद्र है पाकिस्तान विश्व एक महीने पहले 49
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा है। भारतीय राजदूत हरीश परवथानेनी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन दशकों से चल रहा है और इस्लामाबाद को अपनी असलियत देखनी चाहिए।

पाकिस्तान के चेहरे से नकाब उतारने की कोशिश

न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अहम खुली बहस के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथानेनी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में मानवाधिकारों की दयनीय स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने वैश्विक मंच से साफ किया कि वहां रहने वाले लोगों की मूलभूत स्वतंत्रता और अधिकारों को जिस तरह से कुचला जा रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। राजदूत ने स्पष्ट कहा कि PoK में जो कुछ भी हो रहा है, वह कोई नई या छुटपुट घटना नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान की सोची-समझी नीति का हिस्सा है।

आठ दशकों का दमन और साजिश का सिलसिला

अपने संबोधन में हरीश परवथानेनी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने करीब आठ दशकों से वहां एक गहरी साजिश रच रखी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान वहां की जनता को अभिव्यक्ति और संगठन की आजादी से पूरी तरह वंचित रख रहा है। भारतीय राजदूत ने केवल PoK तक सीमित न रहकर पूरे पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश में नेताओं को जेल में डालना, मुख्य विपक्षी दलों को चुनाव लड़ने से रोकना और संवैधानिक संशोधनों के माध्यम से सेना द्वारा सत्ता को अपने नियंत्रण में लेना, यह साबित करता है कि वहां लोकतंत्र का नामोनिशान नहीं बचा है।

कहानी गढ़ने के बजाय खुद में झांके पाकिस्तान

पाकिस्तान को सलाह देते हुए राजदूत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने के लिए धार्मिक एजेंडे का सहारा लेना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर मनगढ़ंत कहानियां सुनाने के बजाय खुद का आत्मनिरीक्षण करे। हरीश परवथानेनी ने इस बात पर अफसोस जताया कि पाकिस्तान में हो रहे भीषण दमन पर वैश्विक मंच पर उतनी चर्चा नहीं होती जितनी होनी चाहिए, जबकि अन्य देशों में ऐसी स्थितियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी जाती है। उन्होंने पाकिस्तान से अपील की कि वह दुनिया को धोखा देने के स्थान पर अपने देश की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान दे।

जम्मू-कश्मीर भारत का अखंड हिस्सा

भारत ने इस बात को फिर से मजबूती के साथ दोहराया कि जम्मू और कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और आगे भी रहेगा। राजदूत ने पाकिस्तान द्वारा इस वैश्विक मंच के दुरुपयोग की निंदा करते हुए कहा कि भारत के केंद्र शासित प्रदेशों पर किसी भी तरह का दावा करना पाकिस्तान की गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच केवल एक ही मुद्दा है, और वह है पाकिस्तान द्वारा भारत की संप्रभु जमीन पर किया गया अवैध कब्जा और आक्रामकता। यह एक संवैधानिक और कानूनी सच्चाई है, जिसे पाकिस्तान जानबूझकर नकारने की नाकाम कोशिश करता है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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