उपनाम: महिला सशक्तिकरण
चाणक्य के अनुसार ये 5 खूबियां बनाती हैं स्त्री को सशक्त, रिश्तों में नहीं उठाने देतीं अपना नुकसान
चाणक्य नीति में ऐसे गुणों का उल्लेख है जो किसी महिला को आत्मनिर्भर और समझदार बनाते हैं। आत्मसम्मान से लेकर सीमाएं तय करने तक, ये खूबियां रिश्तों में उसका सम्मान भी बनाए रखती हैं।
नमक-रोटी से अमेरिका तक का सफर: रांची की ललिता देवी ने जूट बैग और सोहराई पेंटिंग से लिखी कामयाबी की नई कहानी, हर महीने लाखों की कमाई
रांची की ललिता देवी कभी नमक-रोटी के लिए भी मोहताज थीं, लेकिन हाथ से बनाए जूट बैग और सोहराई पेंटिंग ने उनकी जिंदगी बदल दी। आज उनके ग्राहक देशभर में फैले हैं और वे महीने में लाखों रुपये की कमाई करती हैं।
तीनों सेनाओं में चयन, फिर भी उड़ान के जुनून ने निधि को बनाया वायुसेना की अफसर
हैदराबाद की एयरफोर्स एकेडमी में आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में निधि अग्रवाल ने सेना, नौसेना और वायु सेना — तीनों की चयन परीक्षाओं में टॉप रैंक हासिल कर इतिहास रच दिया। उड़ान के शौक के चलते उन्होंने वायु सेना को चुना, जहां उन्हें ऑल इंडिया रैंक 6 मिली।
मुरादाबाद की शिखा गुप्ता का 'प्रोजेक्ट स्नेह': मुफ्त प्रशिक्षण से महिलाएं घर बैठे कमा रहीं लाखों, दूसरों को भी दे रहीं रोजगार
मुरादाबाद में समाजसेवी शिखा गुप्ता के 'प्रोजेक्ट स्नेह' से मुफ्त ट्रेनिंग पाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और घर बैठे लाखों रुपये का कारोबार खड़ा कर रही हैं। संस्था से जुड़ीं विरमा और उनकी बहू आज दर्जनों अन्य महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
लाड़ली बहनों के खातों में 14 जून को आएंगे 1500 रुपये, सीएम मोहन यादव जारी करेंगे 37वीं किस्त
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जून को सागर जिले के केसली से लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में 1500 रुपये भेजे जाएंगे। इसी दौरान वे करीब 350 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भ...
वैशाली के मधुरापुर में महिलाओं ने थामी डेयरी की बागडोर, बदल रही गांव की तस्वीर
वैशाली जिले के मधुरापुर गांव की महिलाएं दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति से जुड़कर डेयरी उद्योग की कमान संभाल रही हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस पहल ने न सिर्फ उनकी आमदनी बढ़ाई है, बल्कि पूरे गांव की सूरत भी बदल दी है।
बिना केमिकल के हर्बल साबुन बना रहीं जावेश्वरी साहू, सिर्फ 10 रुपये में बिक रहा उत्पाद
बालोद जिले के तरौद गांव की जावेश्वरी साहू बिना केमिकल वाले हर्बल साबुन तैयार कर रही हैं, जिनकी कीमत महज 10 से 20 रुपये है और मांग लगातार बढ़ रही है।
बंजर जमीन बनी आमदनी का जरिया: बागेश्वर की महिलाओं ने खाली खेत में उगाया किचन गार्डन, अब कैंटीन में परोस रहीं ताजी सब्जियां
बागेश्वर के विकास भवन परिसर में कैंटीन चलाने वाली नमन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पास की बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर ऑर्गेनिक किचन गार्डन तैयार कर लिया है, जिससे ताजी सब्जियां मिल रही हैं और बचत भी बढ़ी है।
सरकारी पौधों से बदली किस्मत: आम बेचकर रोज 1000 से 1200 रुपये कमा रहीं देवघर की महिलाएं
देवघर के रिखिया प्रखंड की करीब 50 महिलाएं बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम की बागवानी से जुड़कर हर दिन 1000 से 1200 रुपये तक कमा रही हैं। कभी परिवार की आमदनी पर आश्रित रहने वाली ये महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन गई हैं।
घर की चारदीवारी से निकलकर बनीं उद्यमी, चौलाई के लड्डुओं से आत्मनिर्भर हुईं मुरादाबाद की महिलाएं
मुरादाबाद के 'मां शारदा स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं 10 महिलाएं चौलाई के लड्डू बनाकर हर महीने लाखों का मुनाफा कमा रही हैं और हर सदस्य 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही है।
मोटो क्वींस एडवेंचर: छत्तीसगढ़ की 18 महिला बाइकर्स ने रायपुर से बारनवापारा तक भरी रफ्तार, बनीं बदलाव की मिसाल
छत्तीसगढ़ की 18 महिला बाइकर्स के समूह 'मोटो क्वींस एडवेंचर' ने रायपुर से बारनवापारा अभ्यारण्य तक की राइड पूरी की. यह सफर महिला सशक्तिकरण, सड़क सुरक्षा और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने का अभियान बन गया, जिसे पर्यटन विभाग का भी समर्थन मिला.
14 घंटे की ड्यूटी के बाद योग साधना, 45 की उम्र में हेड कांस्टेबल गायत्री ने विश्व योगासन में जीता स्वर्ण
सीकर की हेड कांस्टेबल गायत्री देवी ने पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। 45 वर्ष की उम्र में लंबी ड्यूटी के बाद देर रात तक अभ्यास कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
सक्सेस स्टोरी: न नौकरी न दफ्तर, घर बैठे महीने में 2 लाख की कमाई; खुशबू ने 100 महिलाओं की बदली तकदीर
बिहार के मधुबनी की खुशबू चौधरी मिथिला पेंटिंग के दम पर घर से ही हर महीने 2 लाख रुपये तक कमाती हैं और अब तक 100 से ज्यादा महिलाओं व लड़कियों को मुफ्त प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी हैं।
दहेज नहीं, बेटियों को दीजिए ये 3 चीजें, फिर ससुराल में कोई उन्हें आंख दिखाने से पहले सौ बार सोचेगा
दहेज आज भी हजारों महिलाओं की जान ले रहा है। माता-पिता अगर बेटियों को दहेज की जगह शिक्षा, आत्मसम्मान और अपना अटूट साथ दें, तो बेटी जीवनभर मजबूत और सुरक्षित रह सकती है।
गर्भावस्था से प्रसव तक मिलेगी आर्थिक मदद, महिलाओं के लिए वरदान बनी यह सरकारी योजना
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये दिए जाते हैं, जबकि दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलती है।