उपनाम: महिला सशक्तिकरण
शिवहर की इस महिला की सफलता की कहानी: 40 हजार के निवेश से खड़ा किया 20 लाख का कारोबार
बिहार के शिवहर जिले की आमना खातून ने जीविका समूह से जुड़कर लहठी के व्यवसाय में नई मिसाल पेश की है। महज 40 हजार रुपये के ऋण से शुरू हुआ उनका यह सफर आज सालाना 20 लाख रुपये के टर्नओवर तक पहुँच गया है।
जहानाबाद की सुमन देवी: घर की दहलीज लांघकर सिलाई से संवारी अपनी तकदीर
जहानाबाद की रहने वाली सुमन देवी ने घर के काम तक सीमित रहने वाली अपनी दिनचर्या को बदल दिया है। शिक्षित होने के नाते उन्होंने सिलाई के हुनर को अपनाकर न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि आत्मनिर्भर भी बनी हैं।
बिहार में शिक्षा की नई अलख: अधूरी पढ़ाई छोड़ चुकीं महिलाओं को मैट्रिक पास करने का मिलेगा दूसरा मौका
बिहार में जीविका और प्रथम संस्था ने एक अनूठी पहल शुरू की है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाएं अपनी उम्र की परवाह किए बिना दोबारा मैट्रिक की परीक्षा दे सकेंगी।
दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: महिला समृद्धि योजना अब 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के नाम से जानी जाएगी
दिल्ली सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बिहार की वो दो जांबाज बेटियां जिन्होंने बढ़ाया देश का मान, जानें कौन हैं आईएफएस पूजा कुमारी झा और आईपीएस तनुश्री
बिहार की दो होनहार बेटियों की बहादुरी और सूझबूझ की चर्चा आज देश-विदेश में हो रही है। ढाका में तिरंगे का मान बढ़ाने वाली आईएफएस पूजा झा और कश्मीर में 'दीदी' के नाम से लोकप्रिय हुईं आईपीएस तनुश्री की कहानी हर किसी को प्रेरित कर रही है।
दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा: रक्षा बंधन पर शुरू होगी महिला समृद्धि योजना, महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये प्रति माह
दिल्ली सरकार रक्षा बंधन के अवसर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए महिला समृद्धि योजना का शुभारंभ करने जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी।
20 किलो टमाटर से शुरू हुआ था सफर, अब पलामू प्रशासन दिलाएगा सैकड़ों महिलाओं को धूप और बारिश से निजात, बनेगा आधुनिक शेड
झारखंड के पलामू जिले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित ग्रामीण हाट की किस्मत बदलने वाली है। स्थानीय प्रशासन की पहल पर अब इस खुले बाजार में एक आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा।
लखीमपुर खीरी: माया प्रेरणा समूह की राम बेटी ने बदली तकदीर, चाय-पराठे की कैंटीन से कमा रहीं हर दिन 2500 रुपये
लखीमपुर खीरी की राम बेटी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर साल 2017 में एक छोटी सी कैंटीन शुरू की थी, जो आज उनके आत्मनिर्भर बनने का जरिया बन गई है। उनकी सफलता की कहानी उन तमाम महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देखती हैं।
14 साल की सवी शेखावत का बड़ा संकल्प, 18 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा से फैलाएंगी शांति का संदेश
जयपुर की रहने वाली 14 वर्षीय सवी शेखावत विश्व शांति और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक साहसी अभियान पर निकल रही हैं। वे साइकिल के जरिए 18 हजार किलोमीटर का सफर तय कर अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी तक पहुंचेंगी।
झारखंड की सरिता ने कटहल प्रोसेसिंग से खड़ी की सफलता की मिसाल, 23 लाख के टर्नओवर के साथ 8 महिलाओं को दिया काम
रांची की रहने वाली सरिता देवी ने सरकारी मदद और अपनी मेहनत से कटहल प्रोसेसिंग का कारोबार शुरू कर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी रोजगार का जरिया बनाया है।
बागेश्वर के बागनाथ मंदिर के पास 40 साल से दुकान चला रहीं दो महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल
उत्तराखंड के बागेश्वर में बागनाथ मंदिर के सामने पिछले 40 सालों से दुकान चला रहीं मंजू गोस्वामी और पूजा देवी अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं।
पश्चिम बंगाल: अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत, सवा करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचे 3-3 हजार रुपये
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नई अन्नपूर्णा योजना के तहत सवा करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता जारी की है, जिसमें लाभार्थियों के खातों में पहली किश्त के रूप में 1121 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात, सीएम भगवंत मान ने पूरा किया आखिरी चुनावी वादा
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत लाखों महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी गई है। सीएम भगवंत मान ने इसे आम आदमी पार्टी का आखिरी चुनावी वादा पूरा करना बताया है।
मजदूरी से लखपति तक का सफर: बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने ऐसे बदली अपनी और गांव की तकदीर
कभी दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी किस्मत बदल ली है। आज वह सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं और गांव की कई अन्य महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ की महिलाओं का देसी स्टार्टअप: सिर्फ 20 हजार रुपये से की शुरुआत, घरेलू स्वाद के दम पर कमाया कई गुना मुनाफा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह ने पारंपरिक खाद्य उत्पादों के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। करीब आठ महीने पहले शुरू हुए इस लघु व्यवसाय ने अब तक हजारों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है।