गर्भावस्था से प्रसव तक मिलेगी आर्थिक मदद, महिलाओं के लिए वरदान बनी यह सरकारी योजना जीवनशैली 3 महीने पहले 48
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को दो किस्तों में कुल 5,000 रुपये दिए जाते हैं, जबकि दूसरी संतान के रूप में बेटी के जन्म पर 6,000 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलती है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और आर्थिक सहारा देने के मकसद से चलाई जा रही केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इस योजना का मूल उद्देश्य गर्भवती और धात्री माताओं को गर्भावस्था तथा प्रसव के बाद पर्याप्त आराम मुहैया कराना है, ताकि इस दौरान मजदूरी में होने वाली आंशिक हानि की भरपाई नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में की जा सके।

इसके साथ ही महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करना और बेटी के जन्म को प्रोत्साहन देना भी योजना के अहम लक्ष्यों में शामिल है।

पहली बार मां बनने पर मिलते हैं 5 हजार रुपये

मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित इस योजना का लाभ 18 वर्ष 7 माह से लेकर 55 वर्ष तक की सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्ग की गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं को दिया जाता है। योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में दी जाती है।

इसमें पहली किस्त के तौर पर 3 हजार रुपये गर्भावस्था के दौरान स्वास्थ्य जांच और पंजीकरण कराने के बाद दिए जाते हैं, जबकि दूसरी किस्त के रूप में 2 हजार रुपये बच्चे के जन्म और निर्धारित टीकाकरण पूरा होने पर प्रदान किए जाते हैं।

बेटी के जन्म पर 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

इसके अतिरिक्त, यदि दूसरी संतान के रूप में बेटी जन्म लेती है तो लाभार्थी महिला को एकमुश्त 6 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस प्रावधान के जरिए समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत नए लाभार्थियों का पंजीकरण, डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान, एनपीसीआई से बैंक खाते जोड़कर डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण तथा फेसियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के जरिए लाभार्थियों की एंट्री एवं सत्यापन का काम भी किया जा रहा है।

जिले को मिला 11,444 लाभुकों का लक्ष्य

समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने बताया कि यह योजना गर्भवती महिलाओं के उचित खानपान, कुपोषण की रोकथाम तथा मां और शिशु दोनों के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर चलाई जा रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि इस वित्तीय वर्ष में जिले को 11,444 लाभुकों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। अब तक 1,496 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि 982 महिलाओं को योजना का लाभ भी दिया जा चुका है। साथ ही नए लाभुकों को जोड़ने की प्रक्रिया भी लगातार जारी है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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