बंजर जमीन बनी आमदनी का जरिया: बागेश्वर की महिलाओं ने खाली खेत में उगाया किचन गार्डन, अब कैंटीन में परोस रहीं ताजी सब्जियां उत्तराखंड 14 घंटे पहले 6
बागेश्वर के विकास भवन परिसर में कैंटीन चलाने वाली नमन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने पास की बंजर जमीन को उपजाऊ बनाकर ऑर्गेनिक किचन गार्डन तैयार कर लिया है, जिससे ताजी सब्जियां मिल रही हैं और बचत भी बढ़ी है।

उत्तराखंड के बागेश्वर में नमन स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपनी मेहनत के दम पर एक बेकार पड़ी बंजर जमीन की तस्वीर ही बदल दी है। कभी खाली और बेकार समझी जाने वाली इस भूमि को इन महिलाओं ने एक हरे-भरे और शानदार किचन गार्डन में तब्दील कर दिया है।

कैंटीन के साथ शुरू हुई हरियाली की पहल

विकास भवन परिसर में ये महिलाएं कैंटीन का संचालन करती हैं। इसी कैंटीन के आसपास पड़ी खाली जमीन पर इन्होंने नजर डाली और उसे उपजाऊ बनाकर वहां पूरी तरह जैविक यानी ऑर्गेनिक तरीके से सब्जियां उगाना शुरू कर दिया। थोड़ी-सी जगह को संवारकर महिलाओं ने उसे उत्पादक खेत में बदल दिया।

थाली में पहुंच रही बागान की ताजी सब्जियां

अब कैंटीन में परोसे जाने वाले भोजन में बाजार से लाई गई रसायनयुक्त सब्जियों की जगह सीधे इसी गार्डन से तोड़ी गई ताजी सब्जियों का इस्तेमाल हो रहा है। यहां उगाई जा रही बींस, शिमला मिर्च और भिंडी जैसी सब्जियां सीधे रसोई तक पहुंच रही हैं, जिससे ग्राहकों को बेहद पौष्टिक और सेहतमंद भोजन मिल रहा है।

बचत के साथ दोगुनी हुई आमदनी

इस अनोखी पहल का फायदा सिर्फ ग्राहकों तक सीमित नहीं है। बाजार से सब्जियां खरीदने का खर्च घटने से महिलाओं की बचत बढ़ी है और उनकी आमदनी भी दोगुनी हो गई है। मेहनत और सूझबूझ के इस मेल ने यह साबित कर दिया है कि बंजर जमीन भी कमाई का जरिया बन सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!