14 घंटे की ड्यूटी के बाद योग साधना, 45 की उम्र में हेड कांस्टेबल गायत्री ने विश्व योगासन में जीता स्वर्ण खेल 59 मिनट पहले 2
सीकर की हेड कांस्टेबल गायत्री देवी ने पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। 45 वर्ष की उम्र में लंबी ड्यूटी के बाद देर रात तक अभ्यास कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।

राजस्थान की एक महिला पुलिसकर्मी ने अपने अनुशासन और लगन के दम पर योग के सबसे बड़े मंच पर देश का नाम ऊंचा किया है। सीकर जिले के मांडोता गांव की रहने वाली गायत्री देवी ने अहमदाबाद में हुई पहली विश्व योगासन चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

किस वर्ग में मिली जीत

गायत्री देवी ने इस प्रतियोगिता के सीनियर सी महिला बैक बेंडिंग इंडिविजुअल वर्ग में पहला स्थान हासिल कर गोल्ड मेडल जीता। उनकी इस सफलता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराया।

पुलिस सेवा के साथ योग साधना

गायत्री देवी इस समय राजस्थान पुलिस की 5वीं आरएसी बटालियन में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। 45 वर्ष की उम्र में भी वे प्रतिदिन 14 घंटे ड्यूटी निभाने के बाद रात 10 से 12 बजे तक नियमित योग अभ्यास करती हैं। उनका यह समर्पण ही उनकी कामयाबी की असली बुनियाद है।

अब तक का सफर

योग के क्षेत्र में गायत्री देवी अब तक कुल 21 पदक जीत चुकी हैं। इससे पहले वे एशियन चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

प्रेरणा की मिसाल

गायत्री देवी की यह कहानी अनुशासन, कड़ी मेहनत और समर्पण का जीता-जागता उदाहरण है। नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को साकार करने वाली गायत्री महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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