उपनाम: महिला सशक्तिकरण
पश्चिम बंगाल: अन्नपूर्णा योजना की शुरुआत, सवा करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचे 3-3 हजार रुपये
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नई अन्नपूर्णा योजना के तहत सवा करोड़ महिलाओं को आर्थिक सहायता जारी की है, जिसमें लाभार्थियों के खातों में पहली किश्त के रूप में 1121 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।
पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात, सीएम भगवंत मान ने पूरा किया आखिरी चुनावी वादा
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत कर दी है, जिसके तहत लाखों महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सहायता भेजी गई है। सीएम भगवंत मान ने इसे आम आदमी पार्टी का आखिरी चुनावी वादा पूरा करना बताया है।
मजदूरी से लखपति तक का सफर: बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने ऐसे बदली अपनी और गांव की तकदीर
कभी दूसरों के खेतों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली बुरहानपुर की रजनी वर्मा ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी किस्मत बदल ली है। आज वह सालाना लाखों की कमाई कर रही हैं और गांव की कई अन्य महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ की महिलाओं का देसी स्टार्टअप: सिर्फ 20 हजार रुपये से की शुरुआत, घरेलू स्वाद के दम पर कमाया कई गुना मुनाफा
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह ने पारंपरिक खाद्य उत्पादों के दम पर सफलता की नई कहानी लिखी है। करीब आठ महीने पहले शुरू हुए इस लघु व्यवसाय ने अब तक हजारों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है।
रांची की महिलाओं की बदली तकदीर, मड़वा की नर्सरी से हर महीने कमा रहीं ₹25000
रांची के मुरकुनी गांव की महिलाएं अब फुर्सत के समय में बातें करने के बजाय मड़वा बीज की नर्सरी चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। गोमूत्र तकनीक से तैयार पौधों की मांग झारखंड के बाहर भी है, जिससे हर महिला को हर महीने अच्छी कमाई हो रही है।
बाड़मेर की बेटियों के लिए उम्मीद की किरण बनी टीम बाड़मेर, 20 हजार से ज्यादा युवतियां हुईं आत्मनिर्भर
राजस्थान के बाड़मेर में एक अनूठी पहल के जरिए हजारों महिलाओं और बेटियों को हुनरमंद बनाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पिछले 8 सालों में टीम बाड़मेर की मदद से 20 हजार से अधिक युवतियां न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी...
सफलता की कहानी: रांची की सावित्री जो कभी करती थीं दूसरों के खेतों में मजदूरी, आज जैविक खेती से कमा रहीं 50000 रुपये महीना
रांची के बेड़ों गांव की रहने वाली सावित्री खजूर ने कड़ी मेहनत और जैविक खेती के दम पर अपनी तकदीर बदल दी है। कभी मजदूरी करने वाली सावित्री आज खुद की नर्सरी और जैविक खाद के व्यवसाय से हर महीने 50000 रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।
अंजू बेन नू रसोड़ो: सास-बहू की जोड़ी ने घर के खाने से खड़ा किया कामयाबी का सफर
एक छोटे से प्रयास से शुरू हुआ 'अंजू बेन नू रसोड़ो' आज अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है, जो महिला उद्यमिता की एक अनूठी मिसाल है।
आत्मनिर्भरता की मिसाल: बालोद कलेक्ट्रेट में 9 साल से चल रही 'गढ़ कलेवा' कैंटीन, 20 रुपए में परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं पिछले 9 सालों से एक किफायती और लोकप्रिय कैंटीन चला रही हैं। यहाँ बेहद कम कीमत पर छत्तीसगढ़ी जायकों का स्वाद मिलता है, जो स्थानीय लोगों के साथ ही अधिकारियों की भी पहली पसंद बन चुका है।
बिहार में महिला रोजगार योजना का विस्तार, जल्द जारी होगी 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त
बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत एक बड़ा ऐलान किया है। राज्य की लगभग 20 लाख महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जाएगी।
बैतूल के कुकरू में मुख्यमंत्री मोहन यादव का दौरा: स्व-सहायता समूह की महिलाओं से की मुलाकात, चखा मावा रबड़ी का स्वाद
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैतूल के कुकरू का दौरा कर स्व-सहायता समूह की महिलाओं के कार्यों को करीब से देखा और उनकी आत्मनिर्भरता की सराहना की।
राजस्थान के खेरवा में इतिहास: 13 साल की तेजस्वी कुमारी जोधा बनीं शाही उत्तराधिकारी, टूटी सदियों पुरानी परंपरा
पाली जिले के खेरवा गांव में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 13 वर्षीय तेजस्वी कुमारी जोधा को शाही उत्तराधिकारी घोषित किया गया है, जिसने वर्षों से चली आ रही पुरुष-प्रधान व्यवस्था को एक नया मोड़ दिया है।
पलामू की प्रिंसी शाह की प्रेरणादायक कहानी: PMFME योजना ने कैसे एक महिला को बनाया सफल उद्यमी
झारखंड के पलामू जिले की प्रिंसी शाह ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की मदद से सरसों तेल का अपना सफल कारोबार खड़ा किया है। आज वे 'श्री अर्पण' ब्रांड के जरिए न केवल शुद्ध तेल बेच रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर किसानों और...
ससुराल का मिला साथ तो बदल गई लाल परी की दुनिया, आज कृषि सखी बनकर सैकड़ों किसानों को सिखा रही हैं जैविक खेती के गुर
श्रावस्ती के एक छोटे से गांव से बहराइच की बहू बनी लाल परी ने अपनी मेहनत और परिवार के सहयोग से मिसाल कायम की है। आज वे कृषि सखी के रूप में अन्य किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं।
मुरादाबाद की महिलाओं ने बदली तस्वीर, प्रेरणा कैंटीन से हर महीने कमा रहीं लाखों रुपये
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्वयं सहायता समूह की 10 महिलाओं ने घर की दहलीज लांघकर स्वरोजगार की अनूठी मिसाल पेश की है। ब्लॉक परिसर में चल रही उनकी कैंटीन न केवल जिले में मशहूर है, बल्कि इससे वे आत्मनिर्भर होकर हर महीने लाखों रुपये का कारोबार कर रही हैं।