उपनाम: महिला सशक्तिकरण
मजाक में लगी थी पहली हाट, अब हर गुरुवार हजारों का कारोबार — महिलाओं ने रची आत्मनिर्भरता की कहानी
चैनपुर के चेडाबार गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा 2022 में शुरू किया गया ग्रामीण हाट आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया है, जहां हर गुरुवार सब्जियों से लेकर रोजमर्रा का सामान बिकता है।
सफलता की कहानी: ज़मीन से 400 मीटर नीचे खदानों में जुटीं प्रिया दीक्षित, महिलाओं की प्रेरणा बनीं
खेतड़ी के हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड कॉपर कॉम्प्लेक्स में असिस्टेंट मैनेजर (एक्सप्लोरेशन) के पद पर कार्यरत प्रिया दीक्षित ज़मीन से करीब 400 मीटर नीचे खदानों में खनिजों की जांच कर रही हैं। पुरुष-प्रधान माने जाने वाले माइनिंग सेक्टर में उन्होंने अपनी मेहनत से...
क्या बंद होगी 'माझी लाडकी बहीण योजना'? मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दूर की हर शंका
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि 'माझी लाडकी बहीण योजना' को बंद नहीं किया जाएगा और राज्य की करीब 1.7 करोड़ पात्र महिलाओं को इसका लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा।
'बींदणी, तू सिर्फ पढ़, बाकी छोड़...' घर के काम पर डांटते थे ससुर, घूंघट की ओट में पढ़ बाड़मेर की बहू बनी सिविल जज
राजस्थान के बाड़मेर की बहू दीपू कंवर ने ससुराल के अनोखे सहयोग के बल पर घूंघट की ओट में पढ़ाई जारी रखी और तीसरे प्रयास में गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में 79वीं रैंक हासिल कर सिविल जज बन गईं।
पंजाब: एक जुलाई से 52 लाख महिलाओं के खातों में हर महीने मिलेंगे 1000 रुपये, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
पंजाब सरकार 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के तहत एक जुलाई से करीब 52 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये देगी। आवेदन की कोई अंतिम तारीख नहीं है।
एक सहजन के पेड़ ने बदली तकदीर, गांव की महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार, पूरे देश में बढ़ रही मांग
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की महिलाओं ने सहजन की खेती और उसके उत्पादों से एक सफल ग्रामीण उद्यम खड़ा कर दिया है, जिससे 25 से ज्यादा महिलाएं जुड़कर अच्छी कमाई कर रही हैं। इनके बनाए उत्पाद अब दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक...
अचार और नमकीन से आत्मनिर्भरता की राह, इन महिलाओं के स्वाद का बढ़ता जा रहा है क्रेज
बिलासपुर के चिस्दा गांव की मां शैलपुत्री महिला स्वयं सहायता समिति की 10 महिलाएं घर पर तैयार आम-नींबू के अचार और नमकीन से नियमित आमदनी कमा रही हैं। बिहान योजना के तहत लिए गए करीब 3.5 लाख रुपये के लोन से शुरू हुआ यह छोटा कारोबार आज इनकी पहचान बन गया है।
अचार के हुनर से बदली मुरादाबाद की महिलाओं की तकदीर, घर बैठे हो रही हजारों की कमाई
मुरादाबाद की शारदा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक तरीके से बिना प्रिजरवेटिव वाला लहसुन का अचार बना रही हैं, जिसकी बाजार में बढ़ती मांग ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। समूह की 10 से 12 महिलाएं हर महीने 12 से 13000 रुपये तक कमा रही हैं।