उपनाम: खरीफ सीजन
धान की बुआई से पहले अपनाएं ये देसी नुस्खा, आलू और अंडे से जानें बीज सही है या खराब
खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसानों के लिए कृषि विशेषज्ञों ने धान के बीज को 17 प्रतिशत नमक के घोल से उपचारित करने का आसान देसी तरीका बताया है, जिसमें आलू या अंडे की मदद से घोल की सटीकता परखी जाती है।
पहली बारिश के साथ ही किसान ने जुतवाया खेत और बो दी ये फसल, 20 दिन में निकल आएंगे पौधे और फिर शुरू होगी कमाई
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में 10 साल से खेती कर रहे एक किसान ने पहली बारिश होते ही खेत जुतवाकर मूली के 10000 पौधे लगाए हैं और इसे सबसे आसान व फायदेमंद खेती बताया है।
खेत की उपज का राज छिपा है मिट्टी में, बारिश से पहले जरूर करें यह अहम काम
मानसून से पहले मिट्टी की जांच और खेत की सही तैयारी करने पर किसानों की लागत घटती है और पैदावार बढ़ती है। विशेषज्ञ इसे खेती का 'ब्लड टेस्ट' बताते हैं।
मक्के की बुआई से पहले करें बीज उपचार, बढ़ेगी पैदावार — सुनिए पलामू के कृषि वैज्ञानिक की राय
पलामू में खरीफ सीजन की मक्का बुआई शुरू हो गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप पांडे ने कार्बेन्डाजिम, राइस वाटर और सीड ड्रम के जरिए बीज उपचार की सलाह दी है, जिससे रोग कम और उत्पादन अधिक होता है।
धान की नर्सरी में अपनाएं ये खास तरीका, मजबूत पौध और बंपर पैदावार के साथ शानदार होगा बीजों का अंकुरण
खरीफ सीजन में धान की स्वस्थ नर्सरी तैयार करने के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह — सही खाद, संतुलित नमी और समय पर खरपतवार नियंत्रण से बीजों का जमाव बेहतर होता है और पौधे मजबूत बनते हैं।
बस्तर के 2 लाख किसानों को मिलेगी राहत, खरीफ से पहले बंटेगा 1300 करोड़ का कृषि लोन
खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 2 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को 1300 करोड़ रुपये का कृषि लोन बांटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। साथ ही करीब 46 हजार मीट्रिक टन खाद की अग्रिम व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
अनाज-नकदी फसलों के साथ अब फूलों की खेती पर किसानों का भरोसा, गेंदा बोएं और ढाई महीने में कमाएं मुनाफा
सागर जिले में पिछले तीन-चार सालों से गेंदा की खेती का रकबा तेजी से बढ़ा है। जून में लगाई जाने वाली हाइब्रिड किस्म ढाई से तीन महीने में फूल देने लगती है और त्योहारी सीजन में अच्छा दाम दिलाती है।
जून-जुलाई में करें टमाटर की खेती, बंपर कमाई का सुनहरा मौका! जानिए खेत तैयार करने का सही तरीका
खरीफ सीजन में टमाटर से मोटा मुनाफा कमाने के लिए जून और जुलाई में खेत की सही तैयारी सबसे अहम है। उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञ के मुताबिक दो से तीन बार गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाना जरूरी है।
धान की सीधी बुवाई: न रोपाई की मेहनत, न पानी की बर्बादी, किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा
खरीफ सीजन में किसान पारंपरिक रोपाई छोड़कर धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपना रहे हैं, जिससे पानी, लागत और मजदूरी में बचत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई से पहले सही बीज दर और बीज उपचार से उत्पादन बढ़ता है।
धान की उन्नत किस्में बदल सकती हैं किसानों की किस्मत, बुवाई से पहले जानें कृषि वैज्ञानिक की राय
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की तैयारी के बीच कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली, रोग प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल धान की उन्नत किस्में अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही बीज चयन और वैज्ञानिक खेती से कम लागत में बेहतर पैदावार प...
महीन हो या मोटा धान, ये किस्में देंगी बंपर पैदावार; जानिए जून के पहले हफ्ते में नर्सरी डालने का फायदा
खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान के लिए जून के पहले हफ्ते में नर्सरी डालना सबसे उपयुक्त माना जाता है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार मिट्टी और जलभराव के हिसाब से सही किस्म चुनकर किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं।
साधारण पीली हल्दी छोड़ इस हल्दी की ओर बढ़ रहे किसान, जानें क्यों तेजी से बढ़ रही इसकी मांग
काली हल्दी की खेती में मेहनत भले ही सामान्य हल्दी जितनी हो, लेकिन इसके दाम 4 से 6 गुना तक अधिक मिलते हैं, जिससे किसानों को सामान्य फसल के मुकाबले चार गुना अधिक मुनाफा हो रहा है।
खैरथल-तिजारा: बाजरे की बुवाई में आई तेजी, कपास और ग्वार से किसानों का घटता रुझान
जून की शुरुआती बारिश के बाद खैरथल-तिजारा जिले में खरीफ सीजन शुरू हो गया है और किसान बाजरे की बुवाई में जुट गए हैं। कम लागत और बेहतर पैदावार के चलते बाजरा किसानों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
धान की खेती की तैयारी: रोपाई से पहले खेत कैसे करें तैयार, जानिए विशेषज्ञ की सलाह से मुनाफे का रास्ता
खरीफ सीजन से पहले धान की बेहतर पैदावार पाने के लिए कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को खेत की जुताई, हरी खाद और रोपा पद्धति अपनाने की सलाह दी है। समय रहती नर्सरी तैयार करने और जैविक उपायों से लागत घटने के साथ मिट्टी की ताकत भी बढ़ती है।
धान से चाहिए बंपर पैदावार? अपनाएं DSR तकनीक, कम लागत और कम पानी में मिलेगा तगड़ा मुनाफा
धान की पारंपरिक रोपाई के बजाय सीधी बुवाई यानी DSR तकनीक अपनाकर किसान कम पानी और कम लागत में अच्छी पैदावार ले सकते हैं, साथ ही गिरते भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलती है।