धान की बुआई से पहले अपनाएं यह देसी तरकीब, अच्छे और खराब बीजों की हो जाएगी पहचान छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 26
खरीफ सीजन में धान की बेहतर पैदावार के लिए विशेषज्ञ ने नमक के घोल से बीज छांटने का आसान और सस्ता तरीका बताया है, जो फसल को शुरुआती बीमारियों से बचाने में मददगार हो सकता है।

खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसान धान की बुआई की तैयारियों में जुट जाते हैं। अच्छी पैदावार पाने के लिए सही बीज का चुनाव और बीजोपचार को बेहद अहम माना जाता है। इसी सिलसिले में कृषि विज्ञान केंद्र, बालोद की पौध रोग वैज्ञानिक डॉ. भूमेश्वरी साहू ने किसानों को एक सरल और कम खर्च वाला घरेलू उपाय सुझाया है, जिससे स्वस्थ बीजों की पहचान आसानी से की जा सकती है।

कैसे तैयार करें नमक का घोल

इस तरीके में सबसे पहले 10 लीटर पानी में 1 किलो 700 ग्राम नमक मिलाकर घोल बनाया जाता है। घोल सही बना है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए उसमें आलू या अंडा डालकर देखा जाता है। यदि आलू या अंडा घोल में तैरने लगे, तो माना जाता है कि घोल पूरी तरह तैयार है।

ऐसे होती है अच्छे बीजों की पहचान

घोल तैयार हो जाने के बाद उसमें धान के बीज डाले जाते हैं। इस दौरान स्वस्थ और भारी बीज नीचे बैठ जाते हैं, जबकि हल्के और खराब बीज ऊपर तैरने लगते हैं। इस तरह दोनों तरह के बीजों को आसानी से अलग किया जा सकता है।

बुआई से पहले यह करें

नीचे बैठे अच्छे बीजों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लिया जाता है, इसके बाद ही इन्हें बुआई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञ के अनुसार यह आसान तरीका फसल को शुरुआती दौर की बीमारियों से बचाने में मददगार साबित हो सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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