छत्तीसगढ़
3 दिन पहले
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खरीफ सीजन की शुरुआत होते ही किसान धान की बुआई की तैयारियों में जुट जाते हैं। अच्छी पैदावार पाने के लिए सही बीज का चुनाव और बीजोपचार को बेहद अहम माना जाता है। इसी सिलसिले में कृषि विज्ञान केंद्र, बालोद की पौध रोग वैज्ञानिक डॉ. भूमेश्वरी साहू ने किसानों को एक सरल और कम खर्च वाला घरेलू उपाय सुझाया है, जिससे स्वस्थ बीजों की पहचान आसानी से की जा सकती है।
कैसे तैयार करें नमक का घोल
इस तरीके में सबसे पहले 10 लीटर पानी में 1 किलो 700 ग्राम नमक मिलाकर घोल बनाया जाता है। घोल सही बना है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए उसमें आलू या अंडा डालकर देखा जाता है। यदि आलू या अंडा घोल में तैरने लगे, तो माना जाता है कि घोल पूरी तरह तैयार है।
ऐसे होती है अच्छे बीजों की पहचान
घोल तैयार हो जाने के बाद उसमें धान के बीज डाले जाते हैं। इस दौरान स्वस्थ और भारी बीज नीचे बैठ जाते हैं, जबकि हल्के और खराब बीज ऊपर तैरने लगते हैं। इस तरह दोनों तरह के बीजों को आसानी से अलग किया जा सकता है।
बुआई से पहले यह करें
नीचे बैठे अच्छे बीजों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लिया जाता है, इसके बाद ही इन्हें बुआई के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विशेषज्ञ के अनुसार यह आसान तरीका फसल को शुरुआती दौर की बीमारियों से बचाने में मददगार साबित हो सकता है।
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