उपनाम: कृषि सलाह
बारिश में मक्के की फसल कैसे बचाएं? कृषि विशेषज्ञ ने सुझाया कारगर उपाय
मानसून के दौरान जलभराव से मक्के की फसल को बचाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने मेढ़ विधि अपनाने की सलाह दी है, जिससे अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है और जड़ों में सड़न का खतरा घटता है।
सोयाबीन की बुआई में न करें ये गलती, वरना चौपट हो सकती है फसल; जानें खाद डालने का सही तरीका
खरगोन जिले में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन की बुआई जोरों पर है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बीज और उर्वरक एक साथ डालने से बचने और वैज्ञानिक तरीके अपनाने की सलाह दी है।
मूंग-उड़द बोने से पहले बीजोपचार न भूलें, वरना 60% तक गिर सकता है उत्पादन; जानें वैज्ञानिक की सलाह
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन की मूंग-उड़द की बुआई से पहले कृषि विज्ञान केंद्र बालोद की पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. भूमेश्वरी साहू ने इमिडाक्लोप्रिड से बीजोपचार की सलाह दी है, जिससे पीला मोजेक रोग और सफेद मक्खी से बचाव होता है।
बारिश कम हुई तो किसान क्या उगाएं? वैज्ञानिक ने सुझाईं 90 दिन में पकने वाली फसलें
कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक किसानों को लंबी अवधि वाली धान की जगह कम समय में तैयार होने वाली सोयाबीन और अरहर जैसी फसलें अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
सोयाबीन की बुवाई में न दोहराएं यह पुरानी गलती, अपनाएं वैज्ञानिक तरीका और पाएं बंपर पैदावार
खरगोन जिले में खरीफ सीजन के साथ सोयाबीन की बुवाई जोरों पर है, लेकिन कृषि विशेषज्ञ बीज और खाद को एक साथ डालने की आम गलती से बचने की सलाह दे रहे हैं। सही खाद प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीका अपनाने पर फसल मजबूत होती है और उत्पादन बढ़ता है।
जून में लगाएं ये फसलें, कम लागत में मिलेगा लाखों का मुनाफा; जानें कृषि अधिकारी की राय
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार जून के महीने में किसान केला, कपास, सोयाबीन, मक्का, मूंग और तरबूज जैसी छह फसलें लगाकर बहुत कम लागत में लाखों रुपये की कमाई कर सकते हैं।
खरीफ की बुवाई से पहले कराएं खेत की मिट्टी की जांच, बढ़ेगी पैदावार और कम होगा खाद का खर्च
खरीफ सीजन शुरू होने से पहले मिट्टी की जांच कराकर सही खाद और उर्वरक चुनने से न सिर्फ उत्पादन बढ़ता है, बल्कि खाद पर होने वाला खर्च भी घटता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गहरी जुताई और संतुलित पोषक तत्व मिट्टी को दोबारा उपजाऊ बनाते हैं।
कद्दू की खेती : फूल सूखने से परेशान? जानिए वो 4 वजहें जिनमें 99% किसान करते हैं चूक
कद्दू की फसल में फूल आने के बावजूद उनका सूख जाना पैदावार घटा देता है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार इसके पीछे पोषण, पानी, कीट और मौसम से जुड़े चार प्रमुख कारण हैं।
खीरे की झुकती पत्तियों को धूप का असर समझकर न करें नजरअंदाज, ये खतरनाक कीट कर देगा फसल चौपट, जानें सटीक इलाज
गर्मियों में खीरे की बेल की पत्तियां नीचे की ओर झुक रही हों या सफेद पड़ रही हों तो यह थ्रिप्स, सफेद मक्खी या ब्लाइट जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। कृषि एक्सपर्ट डॉ. विमल कुमार से जानें इन कीटों-रोगों के लक्षण और सही रासायनिक छिड़काव का तरीका।
कटहल किसानों के लिए हरा खजाना, सही प्रजाति और देखभाल से साधारण पेड़ भी देगा बंपर पैदावार
बढ़ती लागत के बीच कटहल कम खर्च में लंबे समय तक आमदनी देने वाला बहुउपयोगी पेड़ है। विशेषज्ञ के अनुसार सही प्रजाति, समय पर पोषण और वैज्ञानिक देखभाल अपनाकर किसान कम फलन वाले पेड़ों से भी अच्छा उत्पादन ले सकते हैं।
खेत की उपज का राज छिपा है मिट्टी में, बारिश से पहले जरूर करें यह अहम काम
मानसून से पहले मिट्टी की जांच और खेत की सही तैयारी करने पर किसानों की लागत घटती है और पैदावार बढ़ती है। विशेषज्ञ इसे खेती का 'ब्लड टेस्ट' बताते हैं।
यूरिया का खर्च आधा! धान के खेत में फैला दें अजोला की हरी चादर, बढ़ेगी पैदावार और घटेगा खरपतवार
धान के खेत में अजोला नाम का जलीय पौधा बिछाने से फसल को प्राकृतिक नाइट्रोजन मिलती है, जिससे यूरिया का खर्च आधा हो जाता है। यह पानी की सतह पर हरी चादर की तरह फैलकर खरपतवार रोकता है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
धान की नर्सरी में अपनाएं ये खास तरीका, मजबूत पौध और बंपर पैदावार के साथ शानदार होगा बीजों का अंकुरण
खरीफ सीजन में धान की स्वस्थ नर्सरी तैयार करने के लिए कृषि विशेषज्ञ की सलाह — सही खाद, संतुलित नमी और समय पर खरपतवार नियंत्रण से बीजों का जमाव बेहतर होता है और पौधे मजबूत बनते हैं।
चेतावनी! खेतों में डीएपी का अत्यधिक प्रयोग बना रहा है जमीन को बंजर, इन उपायों से बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरता
अधिक उपज की चाह में यूरिया और डीएपी के बेतहाशा इस्तेमाल से उपजाऊ खेत बंजर हो रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार डीएपी से जमीन के भीतर बनने वाली कठोर परत फसल की पैदावार घटा रही है।
जून के अंतिम सप्ताह में बोएं ये सब्जियां, बारिश में रहती है जबरदस्त मांग, होगी बंपर कमाई
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जून की शुरुआत में जल्दबाजी करने के बजाय थोड़ा इंतजार करना अधिक लाभदायक रहता है। लगातार बारिश शुरू होने और तापमान घटने के बाद सब्जियों की बुवाई करने से पैदावार बेहतर मिलती है।