उपनाम: कृषि सलाह
भिंडी की फसल में टेढ़े फल और पीलापन है बड़ी समस्या, इन वैज्ञानिक तरीकों से करें बचाव
भिंडी की खेती करने वाले किसान अक्सर फसल में लगने वाले 'भंगरी' रोग से परेशान रहते हैं, जिससे फल टेढ़े हो जाते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने इसे नियंत्रित करने के लिए सटीक उपाय सुझाए हैं।
धान की रोपाई करते समय न करें ये 5 बड़ी गलतियां, वरना 15 प्रतिशत तक गिर सकती है पैदावार
छत्तीसगढ़ में धान की रोपाई का काम जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन छोटी सी लापरवाही भी फसल के उत्पादन पर भारी पड़ सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रोपाई के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।
गन्ने की बंपर पैदावार चाहिए तो जुलाई से सितंबर के बीच न करें ये चूक, अपनाएं 4 अचूक उपाय
गन्ने की फसल के लिए जुलाई से सितंबर का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसे ग्रैंड ग्रोथ फेज कहा जाता है। इस दौरान सही प्रबंधन से आप फसल को बीमारियों से बचाकर बंपर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
बुवाई के 72 घंटे के भीतर करें यह काम, खेतों में नहीं उगेंगे खरपतवार, कृषि वैज्ञानिक ने दी अहम सलाह
बुवाई के तुरंत बाद खेतों में प्री इमरजेंस दवाओं का इस्तेमाल करने से खरपतवार का अंकुरण रुक जाता है। कृषि वैज्ञानिक ने सोयाबीन, उड़द और मक्का की फसलों के लिए सही तरीका और दवा की जानकारी दी है।
धान की खेती में खाद का सही गणित, नाइट्रोजन और जिंक का ऐसा इस्तेमाल बना देगा मालामाल
धान की फसल में उर्वरकों का सही प्रबंधन पैदावार बढ़ाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, कृषि वैज्ञानिकों ने नाइट्रोजन, फास्फोरस और जिंक देने का सटीक तरीका बताया है।
पानी की कमी के बीच भी ले सकते हैं धान की भरपूर पैदावार, बुआई के लिए एक्सपर्ट ने बताए खास तरीके
मानसून की बेरुखी और कम बारिश के कारण धान की खेती को लेकर किसान चिंतित हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने कम पानी में भी बेहतर उपज प्राप्त करने के लिए डीएसआर (DSR) तकनीक और वैकल्पिक फसलों का सुझाव दिया है।
खेती में खरपतवार नाशक का उपयोग करते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान, वरना फसल को होगा नुकसान
कृषि विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा के लिए खरपतवार नाशक दवाओं के सही इस्तेमाल के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सही मात्रा और सही समय पर छिड़काव से ही फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
मानसून की पहली बारिश के बाद कपास के खेतों में खरपतवार की समस्या, एक्सपर्ट से जानिए बचाव और निराकरण के तरीके
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में कपास की फसल में खरपतवार तेजी से पनप रही है। कृषि वैज्ञानिकों ने फसल को सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक निराई-गुड़ाई और सही कीटनाशकों के उपयोग की सलाह दी है।
मानसून की देरी से चिंतित हैं किसान? धान के साथ अपनाएं ये खेती का तरीका, मुनाफा होगा पक्का
छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त चाल को देखते हुए विशेषज्ञ किसानों को कम अवधि वाली धान की किस्मों और साथ में दलहन-तिलहन उगाने की सलाह दे रहे हैं। यह तरीका न केवल जोखिम कम करेगा बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाएगा।
मानसून से पहले गन्ना किसान हो जाएं सावधान, फसल को गिरने से बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय
झारखंड के देवघर में मानसून की आहट के बीच कृषि विशेषज्ञों ने गन्ना किसानों को फसल सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। सही प्रबंधन से बारिश और तेज हवाओं के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
धान की रोपाई से पहले न करें ये चूक, छोटे पौधों को तेजी से बढ़ाने का आसान तरीका
अगर आपकी धान की नर्सरी में पौधों की लंबाई कम है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। कृषि विशेषज्ञों ने छोटी पौध को पोषण देकर सही समय पर रोपाई के लिए तैयार करने के खास तरीके बताए हैं।
खरीफ सीजन में बंपर कमाई का तरीका, सब्जी लगाने से पहले मिट्टी की जांच कराना है जरूरी
मॉनसून के आगमन के साथ ही किसान सब्जियों की बुवाई की तैयारी शुरू कर देते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बंपर पैदावार और अधिक मुनाफा पाने के लिए खेती से पहले मिट्टी का परीक्षण करवाना सबसे सही विकल्प है।
धान की रोपाई से पहले खेत की मेड़ों की सफाई क्यों है जरूरी? जानिए एक्सपर्ट सलाह
धान की रोपाई से पहले मेड़ों की सफाई न करना आपकी पूरी फसल को बर्बाद कर सकता है। जानिए कैसे खरपतवार और कीटों का सफाया करके आप अपनी पैदावार सुरक्षित रख सकते हैं।
बिलासपुर के किसान ने बताया घर के धान को उन्नत बीज बनाने का आसान और कम खर्च वाला तरीका
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक प्रगतिशील किसान जदूनंदन प्रसाद वर्मा ने घर में रखे धान को ही उच्च गुणवत्ता वाला और रोगमुक्त बीज बनाने की एक सरल विधि बताई है, जिससे किसानों को महंगे बीज नहीं खरीदने पड़ेंगे और उनकी पैदावार भी बढ़ेगी।
गहरी जुताई बनी खेती की गेमचेंजर: एक तरीका, तीन फायदे और बढ़ता उत्पादन
खरीफ सीजन की तैयारी में जून की तेज धूप का लाभ उठाकर की गई गहरी जुताई फसल को रोग-कीट से बचाती है, उत्पादन बढ़ाती है और सूखे में बीमा की तरह काम करती है।