चेतावनी! खेतों में डीएपी का अत्यधिक प्रयोग बना रहा है जमीन को बंजर, इन उपायों से बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरता उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 33
अधिक उपज की चाह में यूरिया और डीएपी के बेतहाशा इस्तेमाल से उपजाऊ खेत बंजर हो रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार डीएपी से जमीन के भीतर बनने वाली कठोर परत फसल की पैदावार घटा रही है।

ज्यादा पैदावार पाने की होड़ में किसान खेतों में यूरिया और डीएपी (DAP) का जिस तरह बेरोकटोक इस्तेमाल कर रहे हैं, वह हमारी उपजाऊ जमीन को धीरे-धीरे बंजर बनाता जा रहा है। यह आदत खेती की लागत तो बढ़ा ही रही है, साथ ही मिट्टी की सेहत पर भी गहरा असर डाल रही है।

क्यों खतरनाक है डीएपी का अंधाधुंध इस्तेमाल

कृषि विशेषज्ञ डॉ. विमल कुमार के अनुसार, डीएपी में भारी मात्रा में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ जमीन के नीचे पहुंचकर एक बेहद सख्त परत तैयार कर देते हैं। यही कठोर परत खेती के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन जाती है।

जड़ों पर पड़ता है सीधा असर

जमीन के भीतर बनी यह कठोर परत पौधों की जड़ों को फैलने नहीं देती और उन्हें मिट्टी से पानी तथा पोषक तत्व सोखने से रोक देती है। इसका सीधा नतीजा यह होता है कि लागत बढ़ने के बावजूद फसल की पैदावार घटने लगती है।

कैसे ठीक करें मिट्टी की यह बीमारी

विशेषज्ञ बताते हैं कि मिट्टी की इस घातक समस्या को दूर करने का सबसे आसान और वैज्ञानिक तरीका मिट्टी पलटने वाले हल का इस्तेमाल है। इस हल की मदद से जमीन के नीचे बनी सख्त परत टूट जाती है, जिससे जड़ें दोबारा गहराई तक फैल पाती हैं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति फिर से लौटने लगती है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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