धान की रोपाई से पहले करें खेत की मिट्टी का शोधन, ये तीन जैविक उत्पाद हैं कारगर, कीटनाशक की भी नहीं पड़ेगी जरूरत उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 16
फसल सुरक्षा वैज्ञानिक के अनुसार ट्राइकोडेर्मा, बवेरिया बासियाना और स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस नामक तीन जैविक उत्पादों से भूमि शोधन कर किसान बिना कीटनाशक के मिट्टी को स्वस्थ बना सकते हैं।

धान की रोपाई शुरू करने से पहले खेत की मिट्टी का उपचार करना फसल की बेहतर पैदावार के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. हादी हुसैन खान के अनुसार, भूमि शोधन के लिए तीन ऐसे जैविक उत्पाद उपलब्ध हैं जो मिट्टी की सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं और इनके इस्तेमाल से रासायनिक कीटनाशकों की आवश्यकता नहीं रह जाती।

भूमि शोधन के लिए तीन उपयोगी जैविक उत्पाद

वैज्ञानिक ने बताया कि भूमि शोधन के लिए ट्राइकोडेर्मा, बवेरिया बासियाना और स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस का प्रयोग किया जा सकता है। ये तीनों मित्र फंगस और जीवाणु मिट्टी में मौजूद हानिकारक तत्वों को खाकर नष्ट कर देते हैं, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसके साथ ही ये खेत में केंचुओं की संख्या भी बढ़ाते हैं, जो भूमि की उर्वरता के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

कितनी मात्रा में करें इस्तेमाल

डॉ. खान के मुताबिक किसानों को प्रति एकड़ खेत के लिए 3 किलोग्राम ट्राइकोडेर्मा, 3 किलोग्राम बवेरिया बासियाना और 3 किलोग्राम स्यूडोमोनास फ्लोरेसेंस का इस्तेमाल करना चाहिए। यह निर्धारित मात्रा मिट्टी के प्रभावी शोधन के लिए पर्याप्त बताई गई है।

खेत में डालने का सही तरीका

इन तीनों जैविक उत्पादों को सीधे डालने के बजाय सड़ी हुई गोबर की खाद या मिट्टी में अच्छी तरह मिला लेना चाहिए। इसके बाद अंतिम जुताई के समय इस मिश्रण को खेत में डालना चाहिए, ताकि ये मिट्टी में समान रूप से फैल सकें और बेहतर परिणाम दे सकें।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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