विज्ञापन विवाद में घिरा वेर्का: साढ़े तीन लाख किसानों और लाखों उपभोक्ताओं का भरोसा बना है पहचान व्यापार 5 घंटे पहले 4
मैंगो लस्सी के प्रचार वाली एक रील पर आपत्ति के बाद पंजाब के डेयरी ब्रांड वेर्का को वीडियो हटाना पड़ा, मगर इसकी असली ताकत मिल्कफेड के विशाल सहकारी नेटवर्क में छिपी है।

पंजाब का मशहूर डेयरी ब्रांड वेर्का (Verka) इन दिनों एक विवादित सोशल मीडिया विज्ञापन की वजह से चर्चा का केंद्र बन गया है। मैंगो लस्सी के प्रचार के लिए जारी की गई एक रील पर लोगों ने तीखी नाराजगी जताई, जिसके चलते कंपनी को आखिरकार वह वीडियो हटाना पड़ा।

विवाद से परे ब्रांड की असली पहचान

इस पूरे विवाद के बीच यह याद रखना जरूरी है कि वेर्का की पहचान केवल एक विज्ञापन तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसा डेयरी ब्रांड है जो लाखों उपभोक्ताओं के साथ-साथ साढ़े तीन लाख से ज्यादा किसानों से सीधे जुड़ा हुआ है।

मिल्कफेड के तहत संचालित नेटवर्क

वेर्का का संचालन पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन यानी मिल्कफेड (MILKFED) के अंतर्गत होता है। यह सिर्फ दूध बेचने वाला कोई साधारण ब्रांड नहीं है, बल्कि पंजाब के ग्रामीण डेयरी ढांचे और किसानों की आमदनी का एक मजबूत आधार है।

यही वजह है कि वेर्का को भारत के सबसे बड़े सहकारी डेयरी मॉडलों में से एक का अहम हिस्सा माना जाता है, जो गांव-गांव तक फैले अपने नेटवर्क के दम पर लाखों परिवारों की आजीविका को सहारा देता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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