मछली पालन से बदली तकदीर: एक हेक्टेयर के तालाब से लाखों कमा रहा मध्य प्रदेश का किसान व्यापार 3 महीने पहले 57
सीधी जिले के गोपालपुर गांव के विनय सिंह ने करीब एक हेक्टेयर जमीन पर तालाब बनाकर मछली पालन शुरू किया और अब उन्हें लाखों के मुनाफे की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में बसे गोपालपुर गांव के विनय सिंह की कहानी मेहनत और सही दिशा में उठाए गए कदमों की मिसाल है। पिछले एक साल से वे मछली पालन के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और इसी से उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ रहा है।

कैसे हुई शुरुआत

विनय सिंह ने अपनी करीब एक हेक्टेयर जमीन पर तालाब तैयार करवाया। इस काम में उन्हें सरकार की पीएम धन धान्य योजना के तहत मत्स्य विभाग की ओर से सहायता मिली, जिसके बल पर अब उन्हें लाखों के मुनाफे की उम्मीद बंधी है। काम शुरू करने से पहले उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लिया और जरूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद अगस्त महीने में पहली बार तालाब में मछली बीज डाला गया।

सही तकनीक और देखरेख सबसे अहम

विनय सिंह का मानना है कि मछली पालन में उचित तकनीक और लगातार देखभाल ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने तालाब में फिंगर साइज यानी उंगली के आकार के मछली के बच्चे डाले, क्योंकि इनके जीवित बचे रहने और तेजी से बढ़ने की संभावना अधिक रहती है।

अलग-अलग प्रजातियों से बना तालाब का संतुलन

उन्होंने तालाब में कई तरह की प्रजातियों की मछलियां छोड़ीं, ताकि पानी की हर सतह का सही इस्तेमाल हो सके। कुछ मछलियां ऊपरी सतह पर रहती हैं, कुछ बीच में और कुछ नीचे तल में, जिससे पूरे तालाब का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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