उपनाम: बिहार किसान
खीरे की खेती: एक पौधे से 100 फल पाने का जादुई तरीका, दरभंगा के किसान की कमाई देख हैरान रह जाएंगे आप
दरभंगा के प्रगतिशील किसान अखिलेश चौधरी ने हाइब्रिड खीरे की खेती अपनाकर पारंपरिक फसलों को पीछे छोड़ दिया है। सही तकनीक के इस्तेमाल से उन्हें एक पौधे से 100 खीरे तक मिल रहे हैं और वे 3 से 4 महीने तक लगातार मुनाफा कमा रहे हैं।
जहानाबाद के सीताराम यादव: 70 साल की उम्र में बिना कपड़ों के खेत में बहाते हैं पसीना, खुद के हैं 2 ट्रैक्टर
बिहार के जहानाबाद में 70 वर्षीय किसान सीताराम यादव अपनी कड़ी मेहनत और सादगी से मिसाल पेश कर रहे हैं। वे दिन के 16 से 18 घंटे खेतों में काम करते हैं और अपनी मेहनत के दम पर 25 बीघा जमीन पर खेती कर रहे हैं।
मानसून की बेरुखी से बदला खेती का गणित: धान छोड़कर 6 बीघा में बैंगन उगा रहे किसान, लाखों की कमाई का लक्ष्य
पटना के मसौढ़ी में कम बारिश के चलते किसानों ने पारंपरिक धान की खेती से किनारा कर लिया है और बैंगन की व्यावसायिक खेती अपनाकर मुनाफे की राह चुनी है।
समस्तीपुर में पहली कोल्ड प्रेस ऑयल मिल की स्थापना, किसानों को मिलेगा 50 प्रतिशत तक अनुदान
समस्तीपुर जिले में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कोल्ड प्रेस ऑयल मिल लगाई जाएगी, जिससे किसानों को तिलहन का सही दाम और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
बैंगन की खेती से चमकी किसानों की किस्मत, 60 दिनों में तैयार होकर दे रही बंपर मुनाफा
पटना के मसौढ़ी में कम बारिश के चलते धान की जगह किसानों ने राजगांव किस्म के बैंगन की खेती को अपनाया है। मात्र 60 से 65 दिन में तैयार होने वाली इस फसल से किसानों को लाखों की कमाई होने की उम्मीद है।
समस्तीपुर में मत्स्य पालन के लिए शानदार मौका: 10 लाख की लागत पर सरकार दे रही 7 लाख तक की सब्सिडी
समस्तीपुर के एससी, एसटी और ईबीसी वर्ग के किसानों के लिए मत्स्य पालन व्यवसाय शुरू करने का बेहतरीन अवसर है, जहाँ सरकार 70 प्रतिशत तक अनुदान मुहैया करा रही है।
बिहार मौसम अलर्ट: उत्तर बिहार के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान, 19 जिलों में वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने बिहार के लिए नया अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत उत्तर बिहार के 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पटना में उमस भरी गर्मी के बीच सामान्य मौसम रहने की उम्मीद है।
मछली पालन के साथ तालाब में करें सिंघाड़े की खेती, ऐसे होगी दोगुनी कमाई
बिहार के छपरा में किसान एक ही तालाब से मछली और सिंघाड़े की खेती कर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं। जानिए इस दोहरी खेती के लिए किन खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
पारंपरिक खेती को छोड़कर सिंघाड़े की ओर बढ़े सारण के किसान, रामचंद्र जैसे किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा
सारण जिले के करिंगा गांव के किसान रामचंद्र प्रसाद धान और मक्का जैसी फसलों से हटकर पानी से भरे खेतों में सिंघाड़े की खेती कर रहे हैं, जो उन्हें बेहतरीन मुनाफा दे रही है।
थाईलैंड वैरायटी की मौसंबी से किसान की चांदी, 6 साल पहले लगाए 750 पौधे, अब खेत पहुंच रहे खरीदार
पश्चिम चम्पारण के नौतन प्रखंड के किसान शिशिर दूबे ने 3 एकड़ में थाईलैंड वैरायटी की मौसंबी के 750 पौधे लगाए थे, जो अब फलों से लदे हैं और 80 रुपये प्रति किलो की दर से खेत से ही बिक रहे हैं।
बिहार में तेजी से बढ़ रही है इस मछली की मांग, खरीदने को लगती है भीड़, पालन से किसान कमा सकते हैं अच्छा मुनाफा
पूर्वी चंपारण के बरियारिया गांव में मुकेश भगत ने तेलापिया मछली का पालन शुरू किया है, जो खुद ही प्रजनन करती है और जिसके पालन में अतिरिक्त खर्च नहीं आता। बाजार में इसका थोक भाव करीब 130 रुपए और खुदरा 150 रुपए प्रति किलो है।
गेहूं और मक्का के बाद धान पर मंडराया संकट, बिहार के किसानों के लिए अल नीनो बना नई चुनौती
साल 2026 में आंधी और बेमौसम बारिश से गेहूं-मक्का को नुकसान झेल चुके बिहार के किसानों की उम्मीद अब धान पर टिकी है, लेकिन प्रशांत महासागर में सक्रिय हो रहे 'सुपर अल नीनो' से कमजोर मानसून और कम बारिश की आशंका जताई जा रही है।
नजर और दुर्घटना से बचाने वाला अनोखा मशरूम, कीमत लाखों में, भोला ठाकुर हमेशा रखते हैं साथ
मधुबनी के किसान भोला ठाकुर के पास "गेनोंडरमा" नामक खास मशरूम है, जिसे वे नजरबट्टू मानते हैं। इस एक मशरूम के लिए लोग 40 हजार रुपये तक देने को तैयार हैं, फिर भी उन्होंने इसे नहीं बेचा।
मिर्च की फसल में भंगुरी रोग से न घबराएं, अपनाएं ये 3 असरदार उपाय
मिर्च की खेती में लगने वाले भंगुरी (येलो वेन मोजैक वायरस) रोग से बचाव के लिए पौधा संरक्षण अधिकारी ने तीन कारगर तरीके बताए हैं। जानिए कैसे करें इस रोग पर नियंत्रण।
आम है या केला? जमुई के कनिष्क ने उगाया 18 इंच लंबा 'बनाना मैंगो', थाईलैंड में है मशहूर
जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क ने थाईलैंड की प्रसिद्ध नस्ल 'बनाना मैंगो' तैयार की है, जो देखने में केले जैसा दिखता है। इस आम की लंबाई 18 इंच और एक फल का वजन 800 ग्राम तक हो सकता है।