नजर और दुर्घटना से बचाने वाला अनोखा मशरूम, कीमत लाखों में, भोला ठाकुर हमेशा रखते हैं साथ बिहार 2 घंटे पहले 1
मधुबनी के किसान भोला ठाकुर के पास "गेनोंडरमा" नामक खास मशरूम है, जिसे वे नजरबट्टू मानते हैं। इस एक मशरूम के लिए लोग 40 हजार रुपये तक देने को तैयार हैं, फिर भी उन्होंने इसे नहीं बेचा।

पुराने समय में लोग बुरी नजर से बचने के लिए तरह-तरह के टोने-टोटके अपनाते थे। काले धागे से लेकर दुकानों के बाहर नींबू-मिर्च की माला टांगने तक, अनेक नुस्खे आजमाए जाते रहे हैं। आज भी लाइफस्टाइल रेमेडी के नाम पर लोग ऐसे ही कई उपाय करते हैं। ऐसा ही एक अनोखा टोटका इस बार चर्चा में है, जिसमें एक खास मशरूम का इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि यह मशरूम बुरी दृष्टि से बचाता है और नजरबट्टू का काम करता है।

क्या है यह खास मशरूम

यह विशेष प्रजाति का मशरूम "गेनोंडरमा" है। कृषि क्षेत्र में दशकों का अनुभव रखने वाले भोला ठाकुर बताते हैं कि वे इस मशरूम को हमेशा अपने साथ लेकर चलते हैं। उनका मानना है कि इस मशरूम ने उन्हें कई बार दुर्घटना से बचाया है। लोग इसकी भारी कीमत देने को भी तैयार रहते हैं। भोला ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इसे बहुत संभालकर रखा है। सालों से कई लोग इस एक मशरूम के लिए उन्हें 40 हजार रुपये तक देने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने इसे नहीं बेचा।

लगभग तीन दशक से मशरूम पर काम

आनंद चंद्र ठाकुर उर्फ भोला ठाकुर पिछले करीब 28-29 वर्षों से मशरूम पर काम कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस खास मशरूम को पास रखने से वे बुरी नजरों से बचे रहते हैं। उन्होंने बताया कि यह ऐसी प्रजाति का मशरूम है जो यहां आसानी से नहीं मिलता, और मिलता भी है तो बहुत मशक्कत के बाद। "गेनोंडरमा" मशरूम की एक किलो की कीमत लाख रुपये तक पहुंच जाती है। इसका दर्शन कर पाना भी दुर्लभ माना जाता है।

भोला खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनके पास प्रकृति का यह अनोखा वरदान है। इस क्षेत्र में करीब तीन दशक से सक्रिय भोला को लगभग 5-6 साल पहले एक बार यह भूरे रंग का गेनोंडरमा मशरूम मिला। उन्होंने इसे तुरंत पहचान लिया, क्योंकि वे जानते थे कि इसे शुभ माना जाता है। तभी से उन्होंने इसे अपने पास संभालकर रखा है और वे जहां भी जाते हैं, चाहे प्रदर्शनी लगाने हो या कोई शुभ कार्य करना हो, इस खास मशरूम को साथ लेकर जाते हैं।

नजरबट्टू का काम करता है मशरूम

भोला कहते हैं कि यह उनके लिए नजरबट्टू और टोटके की तरह काम करता है। उनका मानना है कि जीवन में किसी भी विपरीत स्थिति में यह उन्हें बचा लेता है। उन्होंने बताया कि एक बार जब वे प्रदर्शनी में गए तो इसे दिखाने के लिए पॉलिथीन में पैक करके रख दिया। वहां इंडिया लेवल की बड़ी प्रदर्शनी थी, जहां लोग इस सूखे "गेनोंडरमा" मशरूम के लिए 40 हजार रुपये तक देने को तैयार हुए, लेकिन उन्होंने किसी को नहीं दिया।

भोला बताते हैं कि उनके पास सिर्फ दो गेनोंडरमा मशरूम हैं, जिन्हें वे संभालकर रखते हैं। उनके अनुसार यह उनके लिए लकी आइटम की तरह काम करता है और लोगों को बुरी नजर से बचाता है।

औषधीय गुणों से भरपूर

आनंद चंद्र ठाकुर उर्फ भोला ठाकुर का मानना है कि यह मशरूम खाने में स्वादिष्ट होता है और इसकी कीमत लाखों में होती है। उनका कहना है कि यह कैंसर मरीजों के लिए वरदान है और इसमें औषधीय गुण होते हैं। उन्होंने इसे प्रकृति का वरदान बताते हुए कहा कि यह मानव शरीर के नाखून से लेकर सिर के बालों तक को फायदा पहुंचाता है और कैंसर का सीधा इलाज माना जाता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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