ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 4 मुखी रुद्राक्ष बुध ग्रह और बुद्धि का कारक माना जाता है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इसे धारण करने या घर में रखने से करियर, शिक्षा और व्यापार में आ रही समस्याओं का समाधान मिल सकता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार 2 सितंबर 2026 को मंगल ग्रह का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश होने जा रहा है। इस बदलाव से मेष, कर्क और धनु राशि के जातकों को करियर, व्यापार और संपत्ति के मामलों में विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।
रक्षा बंधन के पर्व पर भद्रा काल का विशेष महत्व है, जिसके कारण इस दौरान राखी बांधना वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं कि भद्रा कौन हैं और इस साल रक्षा बंधन पर इसे लेकर क्या स्थिति है।
प्राचीन सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार महिलाओं के माथे का आकार और उस पर मौजूद चिन्ह उनके जीवन, आर्थिक स्थिति और स्वभाव के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देते हैं।
सावन माह की पुत्रदा एकादशी पर संतान सुख के लिए भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन संतान गोपाल मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है।
सनातन धर्म में कछुए को भगवान विष्णु का कच्छप अवतार माना गया है, इसलिए कछुए वाली अंगूठी पहनना शुभ माना जाता है। हालांकि, इसे धारण करने के कुछ सख्त ज्योतिषीय नियम हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी है।
सावन के पवित्र महीने में आने वाले आखिरी प्रदोष व्रत की तिथि और पूजा के मुहूर्त की पूरी जानकारी यहां दी गई है। मंगलवार को पड़ने के कारण इसे विशेष फलदायी भौम प्रदोष माना जा रहा है।
कमाई के बावजूद अगर आपके पास बचत नहीं टिक रही है, तो वास्तु के इन उपायों से घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आर्थिक तंगी से निजात पा सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य इस समय मघा नक्षत्र में केतु के प्रभाव में हैं, जिसका असर खास तौर पर तीन राशियों के जीवन पर पड़ेगा। जानिए आने वाले समय में किन लोगों को सचेत रहने की जरूरत है।
सावन महीने के मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन मंगला गौरी व्रत के साथ-साथ हनुमान जी की आराधना करने से जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान मिलता है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है, जिसका शास्त्रों में विशेष महत्व है। इस दिन नाग देव की पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में प्रचलित 'गुड़िया पीटने' की परंपरा के पीछे की पौराणिक मान्यताओं को विस्तार से जानें।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव 17 अगस्त 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जो आने वाले एक महीने तक चार विशेष राशियों के जीवन में खुशहाली और आर्थिक सफलता लेकर आएंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 27 नक्षत्रों में से 4 नक्षत्र ऐसे हैं जिनमें जन्म लेने वाले जातक अत्यंत सौभाग्यशाली माने जाते हैं। इन लोगों को जीवन के हर क्षेत्र में सफलता, वैभव और समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 17 अगस्त को बुध और शनि के मिलन से एक दुर्लभ नवपंचम दृष्टि योग बन रहा है, जो करियर और धन के मामले में तीन राशियों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।
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