वैदिक ज्योतिष में षड्बल का अर्थ छह प्रकार की शक्तियों का योग है, जो यह निर्धारित करता है कि आपकी जन्म कुंडली में कौन सा ग्रह सबसे अधिक प्रभाव डालने में सक्षम है। यह लेख षड्बल की गणना और इसके विभिन्न स्तंभों के बारे में विस्तार से जानकारी देता है।
मध्य प्रदेश के निमाड़ इलाके में बरसात के मौसम में बेसन-भाकर को बेहद चाव से खाया जाता है। जानिए इस पारंपरिक और लाजवाब व्यंजन को बनाने की विधि और इसके पीछे का खास आकर्षण।
अक्सर लिफ्ट में लगे शीशे को लोग सिर्फ अपना चेहरा या कपड़े ठीक करने का जरिया मानते हैं, लेकिन इसके पीछे मनोवैज्ञानिक और सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वजहें छिपी हैं।
बरसात के मौसम में नमी की वजह से लकड़ी के दरवाजे और खिड़कियां अक्सर फूल जाते हैं, जिससे उन्हें खोलने में दिक्कत होती है। आप कुछ सरल घरेलू नुस्खों को अपनाकर इस समस्या का समाधान खुद कर सकते हैं और महंगे कारपेंटर के खर्च से बच सकते हैं।
बरसात के मौसम में तेज रोशनी की ओर आकर्षित होकर घर में घुसने वाले कीट-पतंगों से परेशान हैं, तो ये सरल घरेलू नुस्खे आपके काम आएंगे।
ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि पर वट सावित्री पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य के लिए बरगद के पेड़ की विधि-विधान से पूजा करेंगी।
इस वर्ष 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गजकेसरी और त्रिकोणीय योग का अद्भुत मेल बन रहा है, जो पांच विशिष्ट राशियों के लिए अत्यंत भाग्यशाली साबित होगा।
अगर आपके घर में उबलने के बाद दूध पर पतली मलाई जमती है, तो इसका मतलब है कि आप उसे उबालने के सही तरीके से वाकिफ नहीं हैं। यूट्यूबर चन्ना कौर ने एक विशेष तरीका बताया है जिससे आप दूध की ऊपरी परत को मक्खन जैसी मोटी बना सकते हैं।
बरसात के मौसम में बच्चों की डाइट को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए ताकि उन्हें फूड इंफेक्शन और अन्य बीमारियों से बचाया जा सके।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित कुम्भा महल न केवल अपनी वास्तुकला के लिए मशहूर है, बल्कि यह पन्नाधाय के त्याग और मीराबाई की भक्ति गाथाओं का गवाह भी है।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित लौहगढ़ फोर्ट अपनी ऐतिहासिक भव्यता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान कपल्स के बीच यह पर्यटन स्थल बेहद लोकप्रिय हो जाता है।
रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाला चॉपिंग बोर्ड अक्सर गंदा हो जाता है, लेकिन अब आपको महंगे क्लीनर की जरूरत नहीं है। नींबू और नमक के मिश्रण का इस्तेमाल करके आप इसे मिनटों में नया जैसा बना सकते हैं।
ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर सोमवार को व्रत रखा जाएगा, इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व है और संत कबीर दास जयंती भी मनाई जाएगी।
इस वर्ष 29 जून 2026 को मनाई जाने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा बेहद खास है क्योंकि इस दिन शुभ योग और मूल नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस लेख में जानिए धन-संपत्ति और मानसिक शांति पाने के लिए किए जाने वाले अचूक उपाय।
ज्योतिष गणना के अनुसार 28 जून की रात चंद्रमा धनु राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे केतु के साथ उनका नवपंचम योग बनेगा। इस खगोलीय घटना से तीन विशेष राशियों को धन लाभ और मान-सम्मान मिलने की पूरी संभावना है।
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