रांधण छठ का त्यौहार मुख्य रूप से गुजरात में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है, जिसमें माता शीतला की पूजा और अगले दिन के लिए भोजन पहले से तैयार करने की विशिष्ट परंपरा है।
भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि को आने वाली जन्माष्टमी के मौके पर घर में खुशहाली लाने के लिए वास्तु और धर्म के अनुसार इन 5 शुभ चीजों को घर लाना बेहद मंगलकारी माना गया है।
मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी की उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपायों को अपनाने से आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह और काम में आने वाली रुकावटों से छुटकारा पाया जा सकता है।
सूर्य देव 31 अगस्त से पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे 4 विशेष राशियों के जातकों को करियर और आर्थिक क्षेत्र में बंपर लाभ मिलने की उम्मीद है।
सनातन परंपरा में पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए पितृपक्ष का विशेष महत्व है। साल 2026 में पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से हो रही है, जानें इस अवधि का संपूर्ण विवरण।
31 अगस्त 2026 को सोमवार के दिन भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा, जानिए दिनभर का पंचांग और शुभ-अशुभ समय।
ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 सितंबर को शुक्र और शनि के बीच षडाष्टक योग का निर्माण हो रहा है, जो करियर और स्वास्थ्य के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रह सकता है। इस दौरान तीन विशेष राशियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रक्षाबंधन पर कलाई पर बांधे गए पवित्र रक्षासूत्र को उतारने की एक निश्चित विधि और समय होता है, जिसे अपनाना बेहद जरूरी माना गया है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सितंबर महीने में शनि देव की विशेष चाल मिथुन, सिंह और कन्या राशि के जातकों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकती है। इन राशियों के लोगों को अपनी मेहनत और ईमानदारी के दम पर ही सफलता हासिल होगी।
इस वर्ष जन्माष्टमी के पावन अवसर पर ग्रहों की स्थिति में बन रहा है बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग, जिसका सीधा लाभ 4 विशेष राशियों को मिलेगा।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली पर हृदय रेखा का स्वरूप हमारे स्वास्थ्य और प्रेम संबंधों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देता है। जानें कि यदि आपकी हथेली में दो रेखाएं या द्वीप के चिह्न हैं, तो उनका जीवन पर क्या असर पड़ता है।
आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार 29 अगस्त 2026 को भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और इस दिन विशेष रूप से अशून्य शयन व्रत का आयोजन किया जाएगा।
रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर भाई की कलाई पर रक्षासूत्र सजाने से पूर्व किन देवताओं का आशीर्वाद लेना अनिवार्य है, इस लेख में जानें पूरी धार्मिक प्रक्रिया और 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां।
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बहनें अपने भाइयों की लंबी आयु और सफलता के लिए उनकी राशि के अनुसार विशेष दान-पुण्य कर सकती हैं, जिससे उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाएंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा 27 अगस्त को मकर राशि से निकलकर कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जिसका असर तीन विशेष राशियों पर बेहद सकारात्मक रहने वाला है।
नई ख़बर या अपडेट आते ही आपके ब्राउज़र पर सूचना मिल जाएगी — कुछ भी मिस नहीं होगा।
आप इसे कभी भी बंद कर सकते हैं।