आज मासिक शिवरात्रि और अघोर चतुर्दशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें भगवान शिव की विशेष पूजा और उपायों से सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
गणेश चतुर्थी के दस दिवसीय उत्सव के समापन पर गणेश विसर्जन की परंपरा निभाई जाती है। आइए जानते हैं कि आखिर विसर्जन क्यों किया जाता है और साल 2026 में इसका शुभ मुहूर्त क्या है।
मंगलवार को पड़ने वाले भौम प्रदोष पर भगवान शिव और हनुमान जी की उपासना से विशेष लाभ मिलता है। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन किए गए कुछ अचूक उपाय कर्ज मुक्ति और सुख-समृद्धि दिलाने में सहायक हो सकते हैं।
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार नया सप्ताह चार राशियों के लिए बेहद फलदायी रहने वाला है। इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के साथ सैलरी में बढ़ोतरी की खुशखबरी मिल सकती है।
भाद्रपद मास की अजा एकादशी का विशेष महत्व है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और पौराणिक कथा का श्रवण करने से जीवन में सुख और समृद्धि का संचार होता है।
आज अजा एकादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। व्रत का पूर्ण फल और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए भगवान विष्णु के साथ एकादशी माता की आरती करना बेहद आवश्यक है।
पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए अत्यंत विशेष माना गया है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में पितृ पक्ष की सटीक शुरुआत और श्राद्ध की महत्वपूर्ण तिथियां क्या हैं।
रविवार को आर्द्रा नक्षत्र का शुभ योग बन रहा है, जो शाम 7 बजकर 53 मिनट तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए विशेष उपाय करियर, आर्थिक बाधाओं और व्यक्तिगत समस्याओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर व्रत रखने वाले भक्त अक्सर चंद्रोदय का इंतजार करते हैं। जानिए आपके शहर में चंद्रमा कब दिखाई देगा और अर्घ्य देने की सही प्रक्रिया क्या है।
जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मासिक धर्म के दौरान व्रत रखना और पूजा करना महिलाओं के लिए एक सामान्य जिज्ञासा का विषय है। आइए जानते हैं कि इस दौरान किन नियमों का पालन कर आप श्रीकृष्ण की भक्ति कर सकती हैं।
साल 2026 में जन्माष्टमी के मौके पर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चार मुख्य शुभ ग्रह बेहद अनुकूल स्थिति में होंगे, जिसका सीधा लाभ चार विशेष राशियों को मिलने की संभावना है।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भगवान कृष्ण के साथ राधा रानी की भक्ति का विशेष महत्व है। इन पांच मंत्रों के जप से वैवाहिक और प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ राशियां ऐसी हैं जिनके जातक अपनी मेहनत और लगन से अपनी किस्मत खुद लिखते हैं। ये लोग न केवल कठिन चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं, बल्कि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जी-तोड़ प्रयास भी करते हैं।
हरतालिका तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस साल यह त्योहार 14 सितंबर को मनाया जाएगा, जानिए पूजा की संपूर्ण विधि और जरूरी नियम।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हलषष्ठी का पावन पर्व मनाया जाएगा। साथ ही, ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुक्र ग्रह का तुला राशि में गोचर होगा, जिसका विभिन्न राशियों पर प्रभाव पड़ेगा।
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