धर्म
11 घंटे पहले
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विचारों
दशमी तिथि और पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग
इस सोमवार का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन दशमी तिथि का श्राद्ध किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि सोमवार को देर रात 2 बजकर 8 मिनट तक बनी रहेगी। जिन पूर्वजों का देहावसान किसी भी महीने की कृष्ण या शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हुआ है, उनका श्राद्ध इसी दिन करना शास्त्र सम्मत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशमी तिथि का श्राद्ध करने वाले व्यक्ति पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है और उनके घर में धन-संपदा का कभी अभाव नहीं होता। साथ ही, सोमवार को रात 11 बजकर 10 मिनट तक पुष्य नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा। पितृ पक्ष, दशमी तिथि और पुष्य नक्षत्र का यह दुर्लभ मेल जीवन की समस्त बाधाओं को दूर करने और सुख-समृद्धि लाने वाला माना गया है। आइए, जानते हैं आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा सुझाए गए विशेष उपाय।
पितरों की कृपा पाने के सरल उपाय
यदि इस सोमवार आप अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर रहे हैं, तो पुण्य फलों की प्राप्ति के लिए हाथी की परछाई का उपयोग करना उत्तम माना गया है। यदि आपके आसपास किसी महावत के घर हाथी हो, तो उसकी परछाई वाले स्थान पर बैठकर पितरों के निमित्त तर्पण करें। यदि ऐसा संभव न हो, तो मिट्टी के हाथी की छोटी मूर्ति लाकर श्राद्ध स्थल पर रखें और फिर तर्पण करें। पितरों की आत्मा की शांति और आशीर्वाद के लिए स्नान के बाद दूध-चावल की खीर तैयार करें। एक गोबर के उपले की कोर बनाकर उस पर खीर से आहुति दें और बाईं ओर थोड़ा जल छोड़ें। इससे पितृ तृप्त होते हैं और घर में खुशहाली आती है।
जीवन की बाधाओं को दूर करने के टोटके
अगर आपको बहुत मेहनत के बाद भी उचित परिणाम नहीं मिल रहे हैं या आप महत्वपूर्ण जानकारी परीक्षा के समय भूल जाते हैं, तो हमेशा अपने पास चांदी का एक छोटा चौकोर टुकड़ा रखें। यदि आप कमर दर्द से परेशान हैं, तो विधारा की जड़ का एक छोटा टुकड़ा ताबीज में डालकर कमर या गले में धारण करें। घर के सदस्यों के बीच अनबन या तनाव कम करने के लिए सोमवार के दिन नजदीकी शिव मंदिर में जाकर बेलपत्र अर्पित करें और किसी जरूरतमंद व्यक्ति को एक कटोरी चावल दान करें। यदि पति-पत्नी के बीच आए दिन खींचतान रहती है, तो थोड़ा दूध और एक चुटकी शक्कर मिलाकर पास के किसी कुएं में डाल दें। यदि कुआं उपलब्ध न हो, तो घर के बाहर कच्ची मिट्टी में दूध डालकर ऊपर से थोड़ी मिट्टी डाल दें।
सफलता और तरक्की के अचूक सूत्र
किसी बड़ी कंपनी में इंटरव्यू के लिए जाते समय घर से निकलते वक्त आईने में अपना चेहरा जरूर देखें और मन ही मन भगवान शिव का स्मरण करें। यदि आप जीवन में नई ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं, तो स्वयं अपने हाथों से पंचामृत तैयार करें। इसमें दूध, दही, शहद, गंगाजल और थोड़ी शक्कर मिलाएं। इस पंचामृत से भगवान शंकर का अभिषेक करें और अपनी उन्नति के लिए प्रार्थना करें। यदि आप सफलता पाने में बार-बार पीछे रह जा रहे हैं, तो शिव मंदिर में जल स्रोत की स्थापना करवाएं। आपने देखा होगा कि शिवलिंग के ऊपर जल पात्र लगा होता है जिससे बूंद-बूंद करके जल गिरता रहता है, ऐसा स्रोत स्थापित करना बहुत लाभकारी माना जाता है।
प्रेम विवाह और शनि दोष निवारण
यदि आपके प्रेम विवाह में अड़चनें आ रही हैं, तो सोमवार की रात 2 बजकर 8 मिनट तक चलने वाले पुष्य नक्षत्र के दौरान पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस दौरान शनिदेव के इस मंत्र का जाप करें: 'शं ह्रीं शं शनैश्चराय नमः।' यह उपाय वैवाहिक जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक सिद्ध होता है।
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