लगातार चश्मा पहनने के कारण नाक पर पड़ने वाले गहरे निशानों से परेशान हैं तो कुछ आसान घरेलू उपायों से इन्हें हल्का किया जा सकता है। आयुष विशेषज्ञ ने चश्मे की सही फिटिंग पर भी जोर दिया है।
लाखों यात्रियों की पसंदीदा वंदे भारत एक्सप्रेस का नाम पहले कुछ और था। आइए जानते हैं कि कब और क्यों इस ट्रेन का नाम बदलकर मौजूदा नाम रखा गया।
मिर्जापुर की खास हींग वाली कुल्हड़ चाट पिछले 10 वर्षों से लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। घर के सीक्रेट मसालों और शुद्ध हींग के तड़के वाली यह चाट महज 30 रुपये में उपलब्ध है।
Sharifa ek behatareen aur paushtik fal hai jo immunity badhane ke saath heart ki sehat ko bhi sudharta hai.
खराब पाचन और पेट की समस्याओं से राहत पाने के लिए Uttanpadasana एक बेहद असरदार योगासन है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
बिहार के मधुबनी में मटन खरीदने की एक अनूठी परंपरा है, जहां लोग किलो के बजाय 'बाटी' लगाकर या कुरी लगाकर सामूहिक रूप से बकरा खरीदकर आपस में मांस बांटते हैं। यह परंपरा शुद्धता, ताजगी और आर्थिक बचत के कारण आज भी जीवित है।
नैनीताल अब केवल बोटिंग और मॉल रोड तक सीमित नहीं रहा। अगर आप अपनी छुट्टियों को अविस्मरणीय बनाना चाहते हैं, तो यहां के 7 रोमांचक एडवेंचर स्पोर्ट्स आपका इंतजार कर रहे हैं, जिनमें पैराग्लाइडिंग और वॉटर साइकिलिंग शामिल हैं।
गर्मी के मौसम में अंबाला से कटरा और जम्मू की ओर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। जानें यात्रा का किराया और समय की जानकारी।
थायराइड को पूरी तरह खत्म करने वाला कोई घरेलू नुस्खा नहीं है, लेकिन सही खान-पान और शारीरिक सक्रियता से इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जानिए विशेषज्ञ की सलाह।
गुड़, गेहूं के आटे और सौंफ से बनने वाला पारंपरिक गुलगुला बघेलखंड की संस्कृति का अहम हिस्सा है। सतना निवासी मीना द्विवेदी से जानिए इसे घर पर बनाने की आसान विधि।
जयपुर के आमेर रोड पर बसा कनक वृंदावन बाग मानसून में घूमने के लिए शांत और मनमोहक जगह है, जो राजपूत-मुगल वास्तुकला के अनोखे मेल और बॉलीवुड शूटिंग के लिए मशहूर है।
सिर्फ आम की चमक और रंग पर भरोसा करना सही नहीं है। स्पंज टेस्ट, खुशबू, वजन, छिलके की बनावट और डंठल वाले हिस्से को परखकर आप अच्छे और खराब आम में आसानी से फर्क कर सकते हैं।
घर पर बनी पूरियां अक्सर थोड़ी देर बाद पिचक जाती हैं, जबकि शादी-समारोह की पूरियां घंटों फूली रहती हैं। आटा गूंथने से लेकर तेल के तापमान तक कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर आप भी हलवाई जैसी खस्ता पूरियां बना सकते हैं।
बारिश के मौसम में नमी की वजह से चाकू और कैंची पर अक्सर जंग लग जाती है। प्याज और नमक का आसान घरेलू मेल हल्की जंग को बिना किसी महंगे क्लीनर के साफ करने में मदद कर सकता है।
पेट में खाना पचाने वाला हाइड्रोक्लोरिक एसिड बहुत शक्तिशाली होता है, फिर भी पेट को नुकसान नहीं पहुंचाता। इसकी वजह म्यूकस की परत, बाइकार्बोनेट और लगातार बनने वाली नई कोशिकाएं हैं, जो पेट की दीवारों की रक्षा करती हैं।
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