जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु और स्वास्थ्य की कामना के लिए रखा जाता है। साल 2026 में इस व्रत की तिथियां और पूजा के शुभ समय की पूरी जानकारी यहां विस्तार से दी गई है।
पितृ पक्ष के दौरान जिन प्रियजनों की मृत्यु असमय हुई है, उनके लिए चतुर्दशी तिथि पर श्राद्ध करना बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन महादेव की पूजा और विशिष्ट अनुष्ठान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।
आश्विन माह की विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का सम्मान और पूजा करना अनिवार्य है, लेकिन इस दौरान कुछ विशेष चीजों को खरीदने से परहेज करना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन वस्तुओं को घर लाना वर्जित माना गया है।
28 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली अशून्य शयन द्वितीया पति-पत्नी के रिश्ते में प्रगाढ़ता लाने का एक विशेष पर्व है, इस दिन किए गए उपाय वैवाहिक जीवन को सुखद और समृद्ध बनाते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान पांच भाग्यशाली राशियों के जातकों के जीवन में बड़ा बदलाव आने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इन राशि के लोगों को आर्थिक समृद्धि और करियर के क्षेत्र में बड़ी सफलताएं हासिल होंगी।
आश्विन माह की विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी इस वर्ष 29 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस लेख में जानिए बप्पा की कृपा पाने के लिए पूजा विधि, महत्वपूर्ण मुहूर्त और विशेष मंत्रों की विस्तृत जानकारी।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार, हथेली पर बनने वाले कुछ विशेष चिह्न व्यक्ति के जीवन में शिवयोग का निर्माण करते हैं, जो सुख और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं।
नारियल का सख्त छिलका हटाना अब कोई बड़ी चुनौती नहीं है। यहाँ बताए गए आसान घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करके आप बिना किसी मेहनत के नारियल से गिरी बाहर निकाल सकते हैं।
27 सितंबर को सूर्य देव हस्त नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसका सीधा असर चार राशियों पर सकारात्मक रूप से देखने को मिलेगा। इस अवधि में धन लाभ और करियर में तरक्की के प्रबल योग बन रहे हैं।
हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की विवाह रेखा भविष्य के वैवाहिक जीवन का आईना होती है। जानिए कैसे विवाह रेखा की अलग-अलग स्थितियां आपकी शादी और जीवनसाथी के बारे में संकेत देती हैं।
सनातन धर्म में अनंत चतुर्दशी का पर्व भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत विशेष माना जाता है। इस दिन अनंत सूत्र बांधकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है, जानें पूजा की पूरी विधि।
बॉलीवुड एक्ट्रेस नीलम कोठारी ने अपने घने और मजबूत बालों का राज साझा किया है। उन्होंने घर पर प्राकृतिक सामग्री से हेयर ऑयल बनाने की विधि और उसके फायदों के बारे में विस्तार से बताया है।
पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों को याद कर उनका श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। पंचांग के अनुसार श्राद्ध की सही तिथि का चुनाव करने की पूरी प्रक्रिया यहां समझें।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले बुध 26 सितंबर को अपनी मित्र राशि तुला में गोचर करेंगे, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव चार विशिष्ट राशियों पर पड़ेगा।
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