वैशाली: करोड़ों की लागत से बना डाइट भवन बना उपेक्षा का शिकार, सड़क के अभाव में अधूरा रह गया मकसद बिहार एक घंटा पहले 2
वैशाली के गौरौल प्रखंड में करोड़ों रुपये से बना जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) भवन सड़क न होने के कारण वर्षों से बदहाल पड़ा है। बरसात में जलजमाव और कीचड़ से पहुंच और मुश्किल हो जाती है, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

बिहार के वैशाली जिले के गौरौल प्रखंड में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) का भवन आज भी अपनी बदहाली बयां कर रहा है। शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के मकसद से इसका निर्माण कराया गया था, लेकिन भवन तक पहुंचने के लिए ठीक सड़क न होने के कारण इसका पूरा लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन तैयार होने के बाद भी वर्षों तक इसका समुचित उपयोग नहीं हो सका, जिससे सरकारी धन खर्च करने का उद्देश्य अधूरा रह गया।

उम्मीदों के बावजूद वर्षों तक उपेक्षित रहा संस्थान

ग्रामीणों के मुताबिक, जब डाइट भवन बन रहा था तब लोगों को भरोसा था कि यहां शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण होगा और शिक्षा से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां चलाई जाएंगी। इससे जहां स्थानीय युवाओं को फायदा मिलता, वहीं पूरे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती। लेकिन भवन तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क न होने के कारण यह संस्थान लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार बना रहा।

बरसात में और बिगड़ जाते हैं हालात

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। भवन के आसपास जलजमाव और कीचड़ के कारण वहां तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे प्रशिक्षण या दूसरी शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन प्रभावित होता है। करोड़ों रुपये खर्च कर खड़े किए गए इस भवन में अब भी अपेक्षित चहल-पहल नजर नहीं आती। परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और भवन के कई हिस्सों में रखरखाव की जरूरत महसूस की जा रही है।

अब तक नहीं निकला कोई ठोस हल

ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते भवन तक जाने के लिए सड़क बन जाती, तो यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम केंद्र साबित हो सकता था। उनका कहना है कि सड़क निर्माण और भवन को पूरी तरह सक्रिय करने की मांग प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका। लोगों के मुताबिक, सरकारी लापरवाही के चलते करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।

अधिकारी ने दिया सड़क बनने का आश्वासन

इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि डाइट भवन के लिए सड़क की समस्या बनी हुई है और इस बारे में प्रखंड विकास पदाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी की ओर से जल्द सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल डाइट भवन में प्रखंड शिक्षा कार्यालय संचालित हो रहा है और यहां शिक्षकों का प्रशिक्षण भी कराया जाता है।

सरकारी धन के सही उपयोग की मांग

स्थानीय लोगों की मांग है कि भवन तक पहुंचने के लिए जल्द से जल्द सड़क बनाई जाए और डाइट संस्थान की सभी गतिविधियों को पूरी तरह शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिले और सरकारी धन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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