जीवनशैली
एक घंटा पहले
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विचारों
भारतीय रसोई में हरा धनिया एक ऐसा घटक है जिसके बिना कई व्यंजनों का स्वाद अधूरा महसूस होता है। दाल हो या सब्जी, चाट हो या चटनी, ऊपर से थोड़ा सा हरा धनिया डालते ही उसका स्वाद और महक दोनों निखर जाते हैं। हमारे यहां ज्यादातर बाजारों में यह बेहद सस्ते दाम पर मिल जाता है और कई बार तो सब्जी विक्रेता ग्राहक को खुश करने के लिए मुफ्त में भी थोड़ा धनिया थमा देते हैं। लेकिन यही मामूली सी दिखने वाली चीज अगर अमेरिका में खरीदनी पड़े तो जेब पर भारी पड़ सकती है। वहां इसे आमतौर पर 'सिलांट्रो' (Cilantro) कहा जाता है और इसके दाम अक्सर भारतीयों को चौंका देते हैं।
अमेरिका में 100 ग्राम धनिया की कीमत कितनी
अमेरिका के कई सुपरमार्केट में सिलांट्रो एक छोटे गुच्छे के रूप में बेचा जाता है। एक गुच्छे की कीमत आमतौर पर 1 से 3 अमेरिकी डॉलर के बीच रहती है, जबकि एक सामान्य गुच्छे का वजन लगभग 50 से 100 ग्राम तक होता है। ऐसे में 100 ग्राम धनिया पत्ते के लिए करीब 2 से 3 डॉलर तक चुकाने पड़ सकते हैं। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह रकम तकरीबन 170 से 260 रुपये या उससे भी अधिक बैठती है, जो हमारे बाजारों की तुलना में बहुत ज्यादा है। शहर, मौसम और स्टोर के हिसाब से यह कीमत घटती-बढ़ती रहती है, लेकिन इतना साफ है कि अमेरिका में धनिया पत्ता सस्ती चीज नहीं समझा जाता।
आखिर वहां इतना महंगा क्यों है धनिया
अमेरिका में धनिये के ऊंचे दाम के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ा कारण खेती और मजदूरी पर आने वाला खर्च है, क्योंकि वहां फसल उगाने और उसे बाजार तक पहुंचाने में भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा लागत लगती है। इसके अलावा पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज और परिवहन का खर्च भी कीमत को बढ़ा देता है। धनिया पत्ता बहुत जल्दी खराब होने वाली चीज है, इसलिए इसे ताजा बनाए रखने के लिए खास इंतजाम करने पड़ते हैं। यही कारण है कि ग्राहक तक पहुंचते-पहुंचते इसका दाम काफी चढ़ जाता है।
भारतीयों को सबसे ज्यादा किस बात पर होती है हैरानी
जो लोग पहली बार अमेरिका जाते हैं, वे अक्सर धनिया, हरी मिर्च, करी पत्ता और दूसरी हरी सब्जियों के दाम देखकर हैरान रह जाते हैं। भारत में जिन चीजों को लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, विदेशों में वही चीजें प्रीमियम प्रोडक्ट की तरह बिकती हैं। यही वजह है कि कई भारतीय परिवार खर्च बचाने के लिए अपने घर के पीछे या बालकनी में धनिया उगाना शुरू कर देते हैं। इससे उन्हें ताजा धनिया भी मिल जाता है और बार-बार बाजार के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ते।
भारत में क्यों मिलता है इतना सस्ता
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां धनिये की खेती बड़े पैमाने पर होती है। यहां की जलवायु इसके लिए अनुकूल है और उत्पादन लागत भी अपेक्षाकृत कम रहती है। स्थानीय मंडियों और किसानों की संख्या अधिक होने के कारण इसकी आपूर्ति लगातार बनी रहती है। यही कारण है कि भारत में धनिया पत्ता अक्सर 10 से 30 रुपये की छोटी गड्डी में आसानी से मिल जाता है, और कई जगह तो ग्राहक को थोड़ा अतिरिक्त धनिया मुफ्त में भी दे दिया जाता है।
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