खान सर और रोशन आनंद: एक ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ली डिग्रियां, दूसरा बनना चाहता था इंजीनियर, जानिए दोनों की कहानी करियर एक घंटा पहले 3
पटना के कोचिंग विवाद और फायरिंग मामले के बाद खान सर और ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद एक बार फिर चर्चा में हैं। जानिए दोनों शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता और संघर्ष से भरी पूरी कहानी।

पटना के बहुचर्चित कोचिंग विवाद और फायरिंग प्रकरण के बाद खान सर और ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद एक बार फिर सुर्खियों का केंद्र बन गए हैं। सोशल मीडिया पर इन दोनों शिक्षकों को लेकर लगातार बहस हो रही है। ऐसे में बहुत से छात्र यह जानना चाहते हैं कि आखिर खान सर और रोशन आनंद की शैक्षणिक योग्यता क्या है, किसके पास कितनी डिग्रियां हैं और पढ़ाई-लिखाई के मामले में कौन किससे आगे है।

कौन हैं खान सर और रोशन आनंद

इन दिनों बिहार में कोचिंग जगत से जुड़े विवाद के चलते रोशन आनंद और खान सर का नाम बार-बार लिया जा रहा है। हाल ही में पुलिस ने रोशन आनंद को हिरासत में लिया है और अब खान सर के गिरफ्तार होने की चर्चा भी जोरों पर है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर दोनों के बारे में जानने की उत्सुकता तेजी से बढ़ी है। रोशन आनंद का सफर कई संघर्षों से भरा रहा है।

रोशन आनंद बिहार के सहरसा जिले के धमसेना गांव के निवासी हैं। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है। आर्थिक रूप से एक साधारण परिवार में पले-बढ़े रोशन ने शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूलों से पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने आगे बढ़ने का सपना देखा और कम उम्र में ही अपने भविष्य को लेकर बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए।

15 साल की उम्र में छोड़ा घर

रोशन आनंद के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब वे करीब 15 साल की उम्र में पढ़ाई के लिए घर छोड़कर पटना पहुंच गए। यहां उन्होंने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी शुरू की। इसके बाद वे कोटा भी गए, जहां देशभर के छात्रों की तरह उन्होंने भी इंजीनियर बनने का सपना संजोकर तैयारी की।

उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने AIEEE परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हें BIT मेसरा में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में दाखिला मिल गया। हालांकि आर्थिक और व्यक्तिगत हालात के कारण वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए और उन्हें कोर्स बीच में ही छोड़ना पड़ा।

सरकारी नौकरी की तैयारी

इंजीनियरिंग की पढ़ाई छूटने के बाद रोशन आनंद ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए। उन्होंने बिहार पुलिस, BPSC और UPSC जैसी परीक्षाओं में हिस्सा लिया। वर्ष 2014 में उन्होंने बिहार पुलिस की लिखित परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन फिजिकल टेस्ट में सफलता नहीं मिली। इसके अलावा BPSC परीक्षा में वे इंटरव्यू तक भी पहुंचे, मगर अंतिम चयन नहीं हो सका। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी।

कैसे शुरू किया पढ़ाना

संघर्ष के दिनों में रोशन आनंद ने छात्रों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उस दौर में उनके पास संसाधनों की भारी कमी थी। बताया जाता है कि कई बार वे छात्रों को पढ़ाने के बदले फीस के बजाय खाना तक स्वीकार कर लेते थे। यहीं से उन्हें यह एहसास हुआ कि पढ़ाना ही उनका असली क्षेत्र है और धीरे-धीरे उन्होंने शिक्षण को ही अपना करियर बना लिया।

चार छात्रों से शुरू हुई अकादमी

रोशन आनंद ने 1 सितंबर 2017 को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी की नींव रखी थी। शुरुआत में उनके पास केवल चार छात्र थे, लेकिन पढ़ाने के अनोखे तरीके और प्रतियोगी परीक्षाओं की गहरी समझ के कारण छात्रों की संख्या निरंतर बढ़ती गई। आज उनका संस्थान बिहार पुलिस, SSC, रेलवे, बैंकिंग और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले प्रमुख कोचिंग संस्थानों में गिना जाता है।

खान सर का सफर भी रहा दिलचस्प

दूसरी ओर, खान सर देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में शामिल हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र उन्हें जानते हैं। आसान भाषा में पढ़ाने और कम फीस में शिक्षा उपलब्ध कराने की वजह से उन्होंने देशभर में बड़ी पहचान बनाई है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में हुआ था। बताया जाता है कि उनका मूल नाम फैजल खान है और वे एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की पढ़ाई

खान सर ने अपनी शुरुआती शिक्षा देवरिया के परमार मिशन स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय का रुख किया। यहां उन्होंने विज्ञान विषय से BSc और MSc की डिग्री हासिल की। इसके अलावा भूगोल विषय में MA भी किया। यानी खान सर के पास ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और एक अतिरिक्त विषय में भी उच्च शिक्षा की डिग्रियां मौजूद हैं।

छह छात्रों से शुरू हुई थी क्लास

पटना पहुंचने के बाद खान सर ने पढ़ाना शुरू किया। शुरुआत में उनकी कक्षा में सिर्फ छह छात्र थे, लेकिन उनकी अनूठी शिक्षण शैली और सरल भाषा ने छात्रों को अपनी ओर आकर्षित किया। धीरे-धीरे उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि वे देश के सबसे चर्चित शिक्षकों में शुमार हो गए।

यूट्यूब ने दिलाई पहचान

साल 2019 में खान सर ने Khan GS Research Centre नाम से यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। सामान्य अध्ययन, इतिहास, भूगोल, राजनीति और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर बने उनके वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। उनके यूट्यूब चैनल पर 2 करोड़ 30 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं और वे देश के सबसे बड़े एजुकेशनल कंटेंट क्रिएटर्स में गिने जाते हैं।

पढ़ाई-लिखाई में कौन है आगे

अगर केवल शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो खान सर रोशन आनंद से आगे नजर आते हैं। खान सर ने BSc, MSc और MA जैसी कई उच्च डिग्रियां हासिल की हैं, जबकि रोशन आनंद ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू तो की थी, लेकिन BIT मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स पूरा नहीं कर सके। हालांकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शिक्षण अनुभव के दम पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

दोनों की कहानी छात्रों के लिए मिसाल

खान सर और रोशन आनंद दोनों का सफर भले अलग-अलग रहा हो, लेकिन दोनों ने संघर्षों के बीच अपनी पहचान बनाई है। एक तरफ खान सर ने उच्च शिक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में लोकप्रियता हासिल की, तो दूसरी तरफ रोशन आनंद ने सीमित संसाधनों के बावजूद कोचिंग जगत में अपनी अलग जगह बनाई। यही वजह है कि मौजूदा विवाद के बीच भी दोनों की सफलता की कहानी छात्रों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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