राजस्थान
एक घंटा पहले
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सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं का असर अब बाड़मेर जिले में साफ नजर आने लगा है। जिले के करीब 450 परिवारों ने अपने घरों की छतों को आमदनी का जरिया बना लिया है। इन परिवारों ने छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर न सिर्फ अपना बिजली बिल लगभग शून्य कर दिया है, बल्कि जरूरत से ज्यादा पैदा होने वाली बिजली से आर्थिक लाभ भी कमा रहे हैं।
78 हजार रुपये तक की सब्सिडी
केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत पात्र परिवारों को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस सहायता के चलते सोलर सिस्टम लगवाने में आने वाला खर्च काफी हद तक घट गया है, जिससे आम परिवारों के लिए भी यह तकनीक अपनाना आसान हो गया है।
घर की जरूरत भी पूरी, बिजली बेचकर कमाई भी
छतों पर लगे सोलर पैनलों से जो बिजली बनती है, उसका इस्तेमाल पहले घरेलू जरूरतों के लिए किया जा रहा है। इसके बाद जो अतिरिक्त बिजली बचती है, उसे ग्रिड में भेजकर परिवार कमाई कर रहे हैं। इस तरह एक ही व्यवस्था से दोहरा फायदा मिल रहा है।
कई स्तरों पर मिल रहे फायदे
इस पहल से सिर्फ बिजली खर्च में कमी ही नहीं आई है, बल्कि कई और लाभ भी सामने आ रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल रहा है और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह कदम मददगार साबित हो रहा है।
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