नजरिया: 'पार्टी ही मेरी मां है...' सांसदी की दौड़ में रहे भोजपुरी स्टार पवन सिंह को आखिर क्यों थामना पड़ा MLC का टिकट? बिहार एक घंटा पहले 2
लोकसभा और बिहार चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले भोजपुरी कलाकार पवन सिंह को अब बीजेपी ने एमएलसी का टिकट दिया है, जिसके पीछे की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं।

भोजपुरी सिनेमा और संगीत की दुनिया के चर्चित चेहरे पवन सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। गायक और अभिनेता के रूप में पहचान बना चुके पवन सिंह जल्द ही 'माननीय' का दर्जा हासिल करने जा रहे हैं। लेकिन इस घटनाक्रम ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

सियासी सफर पर एक नजर

लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने आसनसोल सीट से पवन सिंह पर भरोसा जताया था। इसके बाद बिहार चुनाव 2025 में उन्होंने 'जोड़ी मोदी और नीतीश जी के हिट होई' जैसे गीत गाकर एनडीए को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

क्या घटा कद?

जिस कलाकार को कभी लोकसभा का टिकट मिला और जिसने चुनावी मैदान में पार्टी के लिए माहौल बनाया, उसे अब विधान परिषद (एमएलसी) का सदस्य बनाया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि क्या इस फैसले से उनका राजनीतिक कद कुछ कम हुआ है?

रणनीति या अंदरूनी राजनीति?

आखिर बीजेपी ने किस सोच और रणनीति के तहत पवन सिंह को एमएलसी का टिकट थमाया है, यह चर्चा का विषय बना हुआ है। क्या इसके पीछे पार्टी की कोई अंदरूनी राजनीति काम कर रही है या फिर इस कदम के कुछ और गहरे मायने छिपे हैं? फिलहाल इन्हीं सवालों के इर्द-गिर्द सियासी गलियारों में अटकलों का दौर जारी है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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