उपनाम: जैविक खाद
यूरिया और डीएपी का खर्च होगा कम, कृषि विभाग ने किसानों को दिया लागत घटाने का खास फार्मूला
खरीफ सीजन में धान की फसल के लिए यूरिया और डीएपी पर होने वाले भारी खर्च से बचने के लिए कृषि विभाग ने किसानों को जैविक और नैनो उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी है।
छपरा के किसान अब घर पर बना रहे जैविक खाद और दवा, खेती की लागत में आई भारी कमी
बिहार के छपरा में कृषि वैज्ञानिकों की मदद से किसान खुद ही जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती का खर्च आधा हो गया है।
खेत के खर-पतवार और फालतू घास को बनाएं कीमती खाद, किसान ने साझा किया दवा बनाने का आसान तरीका
बिहार के छपरा में किसान अब कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में घर पर ही जैविक खाद और घास गलाने वाली दवा तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और मिट्टी की सेहत में सुधार हो रहा है।
रांची के किसान श्याम का कमाल, 1 एकड़ खेत से ले रहे हैं 3 टन बैंगन की बंपर पैदावार
रांची के प्रगतिशील किसान श्याम ने वैज्ञानिक और देसी तरीकों के मिश्रण से बैंगन की खेती में सफलता हासिल की है। वे मल्चिंग और प्राकृतिक खाद के उपयोग से न केवल पैदावार बढ़ा रहे हैं, बल्कि फसलों को कीड़ों से भी सुरक्षित रख रहे हैं।
रासायनिक खाद से तौबा: बिहार के छपरा में जैविक खेती की नई क्रांति, तिल के जरिए घर पर ही तैयार हो रही तगड़ी खाद
बिहार के छपरा जिले के एक प्रगतिशील किसान संजीव कुमार ने रासायनिक खाद का इस्तेमाल बंद कर दिया है। कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण लेकर वे तिल और अन्य प्राकृतिक उत्पादों की मदद से घर पर ही जैविक खाद तैयार कर बंपर मुनाफा कमा रहे हैं।
वर्मी कंपोस्ट बनाने वाले किसान रहें अलर्ट, बारिश के मौसम में इन गलतियों से मर सकते हैं आपके केंचुए
मानसून के दौरान वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नमी और जलभराव के प्रबंधन में थोड़ी सी भी चूक केंचुओं की जान ले सकती है और आपकी पूरी मेहनत बर्बाद कर सकती है।
आम और संतरे के छिलकों का करें कमाल का इस्तेमाल, घर पर ऐसे बनाएं मुफ्त में असरदार जैविक खाद
महंगे रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में अब फलों के छिलकों से तैयार जैविक खाद एक बेहतरीन उपाय बनकर उभरी है। यह विधि न केवल लागत घटाती है, बल्कि पौधों के विकास में भी काफी मददगार साबित होती है।
वर्मी कंपोस्ट बनाने वाले किसान सावधान: बरसात में इन गलतियों से हो सकता है केंचुओं का सफाया
बरसात के मौसम में वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करते समय किसानों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। थोड़ी सी चूक से न केवल केंचुए मर सकते हैं, बल्कि पूरी खाद भी खराब हो सकती है।
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए ढैंचा है संजीवनी, किसान सियाराम से जानें इसे उगाने की पूरी तकनीक
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के किसान मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए ढैंचा की खेती को वरदान मान रहे हैं। यह हरी खाद रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर पैदावार बढ़ाने में मदद करती है।
गोबर की खाद का सही इस्तेमाल: क्या आप भी धूप में खाद फैला रहे हैं? तो सावधान हो जाएं
खेतों में गोबर की खाद डालने का एक सही तरीका होता है। जानकारों के अनुसार तेज धूप में इसे खुला छोड़ने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी को कोई फायदा नहीं मिलता।
धान की खेती में अजोला का कमाल: यूरिया का 30 प्रतिशत खर्च घटेगा, पशुओं को मिलेगा पौष्टिक चारा
धान की खेती करने वाले किसानों के लिए अजोला एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह न केवल रासायनिक खाद पर होने वाले खर्च को कम करता है, बल्कि खरपतवार पर नियंत्रण पाने और पशुओं के लिए पौष्टिक चारे का काम भी करता है।
केमिकल खाद को कहें अलविदा, घर पर इन 3 आसान तरीकों से तैयार करें बेहतरीन जैविक खाद
बुरहानपुर के कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, किसान अब घर पर ही जैविक खाद बनाकर अपनी फसल की गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं और लाखों की कमाई कर सकते हैं।
रासायनिक खादों को कहें अलविदा, इस खास जैविक नुस्खे से 30 प्रतिशत तक बढ़ेगी फसल की पैदावार
कृषि विशेषज्ञों ने कम खर्च में तैयार होने वाले एक जैविक टॉनिक के इस्तेमाल की सलाह दी है, जिससे फसलों में फूलों के झड़ने की समस्या पर रोक लगाई जा सकती है।
चित्रकूट में बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर खोलने का मौका, 27 जून तक करें आवेदन
चित्रकूट में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जिसके लिए कृषि विभाग ने आवेदन मांगे हैं। चयनित आवेदकों को 1 लाख रुपये तक का अनुदान भी मिलेगा।
बालाघाट के छात्रों का कमाल, फैक्ट्री के बेकार पानी से बना दी शानदार जैविक खाद
मध्य प्रदेश के बालाघाट में कॉलेज के छात्रों ने लाख उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपयोग करके एक प्रभावी जैविक खाद तैयार की है। यह नवाचार न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ा रहा है बल्कि किसानों के लिए भी वरदान साबित हो रहा है।