उपनाम: बीज उपचार
मानसून आने से पहले निपटा लें ये 5 जरूरी काम, खरीफ फसलों में होगी रिकॉर्ड पैदावार और बढ़ेगा मुनाफा
दक्षिण-पश्चिम मानसून की आहट के साथ ही खरीफ की तैयारी तेज हो गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई से पहले मिट्टी जांच, गहरी जुताई, प्रमाणित बीज और बीज उपचार जैसे उपाय अपनाकर किसान उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ा सकते हैं।
मूंगफली की इन उन्नत किस्मों से किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा, एक्सपर्ट ने बताए बुवाई और खाद के खास नुस्खे
कृषि विभाग ने जिले की मिट्टी और जलवायु के अनुसार मूंगफली की कई रोग प्रतिरोधक और अधिक उपज देने वाली किस्मों की सिफारिश की है, साथ ही सही खाद और बीज उपचार को लेकर अहम सलाह भी दी है।
मक्के की बुआई से पहले करें बीज उपचार, बढ़ेगी पैदावार — सुनिए पलामू के कृषि वैज्ञानिक की राय
पलामू में खरीफ सीजन की मक्का बुआई शुरू हो गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दिलीप पांडे ने कार्बेन्डाजिम, राइस वाटर और सीड ड्रम के जरिए बीज उपचार की सलाह दी है, जिससे रोग कम और उत्पादन अधिक होता है।
बालोद में स्व-सहायता समूह की महिलाएं बीज उपचार से तैयार कर रहीं पौधे, जानें नारियल से लेकर पपीता तक के दाम
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में धरा क्लस्टर संगठन लाटाबोड़ से जुड़ी महिलाएं बीज उपचार कर विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार कर रही हैं, जिन्हें बेचकर वे अतिरिक्त आय अर्जित करेंगी। नारियल, कटहल और मुनगा जैसे बड़े पौधे 200 रुपये में और नीम, इमली, पपीता व आम 50 रु...
धान की सीधी बुवाई: न रोपाई की मेहनत, न पानी की बर्बादी, किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा
खरीफ सीजन में किसान पारंपरिक रोपाई छोड़कर धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपना रहे हैं, जिससे पानी, लागत और मजदूरी में बचत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई से पहले सही बीज दर और बीज उपचार से उत्पादन बढ़ता है।
धान की नर्सरी में मेढ़ विधि अपनाएं और पाएं बंपर पैदावार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मौर्या ने बताए 3 खास सूत्र
भोजपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ए. के. मौर्या ने धान सीजन में किसानों को पारंपरिक तरीका छोड़कर नर्सरी में मेढ़ विधि अपनाने, बीज उपचार करने और बेहतर पोषण प्रबंधन करने की सलाह दी है। इससे स्वस्थ बिचड़ा तैयार होगा और फसल की पैदावार बढ़ेगी।
बारिश के बाद बुवाई की तैयारी में जुटे किसान ध्यान दें, ये गलती पड़ सकती है भारी
राजस्थान में हालिया बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल माहौल बना है। कृषि विशेषज्ञों ने प्रमाणित बीज, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक और नियमित निगरानी अपनाकर बेहतर उत्पादन और मुनाफा हासिल करने की सलाह दी है।