उपनाम: गहरी जुताई
गहरी जुताई बनी खेती की गेमचेंजर: एक तरीका, तीन फायदे और बढ़ता उत्पादन
खरीफ सीजन की तैयारी में जून की तेज धूप का लाभ उठाकर की गई गहरी जुताई फसल को रोग-कीट से बचाती है, उत्पादन बढ़ाती है और सूखे में बीमा की तरह काम करती है।
मानसून आने से पहले निपटा लें ये 5 जरूरी काम, खरीफ फसलों में होगी रिकॉर्ड पैदावार और बढ़ेगा मुनाफा
दक्षिण-पश्चिम मानसून की आहट के साथ ही खरीफ की तैयारी तेज हो गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई से पहले मिट्टी जांच, गहरी जुताई, प्रमाणित बीज और बीज उपचार जैसे उपाय अपनाकर किसान उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ा सकते हैं।
खरीफ की बुवाई से पहले कराएं खेत की मिट्टी की जांच, बढ़ेगी पैदावार और कम होगा खाद का खर्च
खरीफ सीजन शुरू होने से पहले मिट्टी की जांच कराकर सही खाद और उर्वरक चुनने से न सिर्फ उत्पादन बढ़ता है, बल्कि खाद पर होने वाला खर्च भी घटता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गहरी जुताई और संतुलित पोषक तत्व मिट्टी को दोबारा उपजाऊ बनाते हैं।
Farming Tips: मानसून आने से पहले खेतों में निपटा लें ये 3 काम, खरीफ फसल में मिलेगी बंपर पैदावार
धौलपुर कृषि विभाग ने 25 से 30 जून के बीच मानसून के संभावित आगमन को देखते हुए किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गहरी जुताई, मजबूत मेड़बंदी और जल निकासी पर जोर दिया गया है.
हर 3 साल में करें यह एक काम, बंजर खेत भी देगा बंपर पैदावार, जानें कृषि विशेषज्ञ की राय
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में हर तीन साल में एक बार खेत की गहरी जुताई प्लाऊ से करवाने पर मिट्टी की कठोर परत टूटती है और पोषक तत्व बढ़ते हैं। यही उपाय बंजर होती जमीन को फिर से उपजाऊ बना देता है।