उपनाम: खरीफ फसल
अगेती गोभी की खेती से बंपर कमाई का मौका: कृषि वैज्ञानिक ने साझा किए उन्नत खेती के सफल सूत्र
खरीफ सीजन के दौरान अगेती गोभी की खेती किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा जरिया बन सकती है, बस जरूरत है सही किस्मों और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की।
खरीफ फसलों की बुवाई से पहले किसान जानें कृषि उपकरणों का सही चुनाव, रोटावेटर से एमबी प्लाऊ तक की पूरी जानकारी
मानसून की दस्तक के साथ ही खेतों में बुवाई की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां सही कृषि यंत्रों का चयन आपकी फसल की पैदावार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। कृषि विशेषज्ञों ने रोटावेटर, कल्टीवेटर और एमबी प्लाऊ जैसे उपकरणों के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी साझा की...
खेती में खरपतवार नाशक का उपयोग करते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान, वरना फसल को होगा नुकसान
कृषि विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा के लिए खरपतवार नाशक दवाओं के सही इस्तेमाल के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सही मात्रा और सही समय पर छिड़काव से ही फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
छतरपुर: टूटी पुलिया और बदहाल सड़क से किसान बेहाल, खरीफ की बोवनी पर मंडराया संकट
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खराब सड़क और टूटी पुलिया के कारण सैकड़ों किसान अपनी फसलों की बुवाई को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि सरपंच उनकी समस्याओं को अनसुना कर रहे हैं और फोन तक नहीं उठाते हैं।
उत्तर प्रदेश में मौसम का दोहरा वार: 15 जिलों में तूफान और बारिश, कई इलाकों में लू का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है, जहां एक तरफ 15 जिलों में तेज बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी रहेगा।
मध्य प्रदेश में मानसून की 11 दिन की देरी, अलनीनो का खतरा और किसानों के लिए जरूरी सलाह
मध्य प्रदेश में मानसून अपने तय समय से 11 दिन पीछे चल रहा है, जिससे कृषि कार्यों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों ने अलनीनो के प्रभाव से इस वर्ष औसत से कम बारिश होने की चेतावनी दी है।
मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक: कल 23 जून को कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और 23 जून को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को इस बदलाव से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सीकर में मानसून की मेहरबानी: 4.25 लाख हेक्टेयर बुवाई का लक्ष्य, खेतों में लौटी बहार
सीकर जिले में प्री-मानसून बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई ने जोर पकड़ लिया है। कृषि विभाग ने इस साल 4.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य तय किया है।
धान छोड़कर इन फसलों में लगाएं पैसा, MSP में मिलेगा 3-4 गुना ज्यादा फायदा
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक तिल, मूंग और सोयाबीन का MSP धान से कई गुना अधिक है। कम लागत में इन फसलों से किसान धान के मुकाबले 3 से 4 गुना ज्यादा कमाई कर सकते हैं।
किसानों को अभी और करना होगा मानसून का इंतजार, इस तारीख से जिले में होगी झमाझम बारिश
छतरपुर जिले में मानसून अब तक सक्रिय नहीं हुआ है और कृषि मौसम वैज्ञानिक के अनुसार 22 जून 2026 के बाद ही जिले में पूरी तरह बारिश शुरू होने की संभावना है। तब तक किसानों को खरीफ फसल की बोवनी के लिए इंतजार करना होगा।
खरीफ सीजन में किसान न दोहराएं ये भूल, बारिश और जलभराव से बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय
बदलते मानसून पैटर्न के बीच कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि खरीफ फसलों की सफलता अब सिर्फ बारिश पर नहीं, बल्कि पानी के सही प्रबंधन पर टिकी है। जल निकासी और नमी संरक्षण जैसे उपाय अपनाकर किसान नुकसान से बच सकते हैं।
मानसून ने बीच रास्ते में क्यों थामी रफ्तार, मौसम वैज्ञानिकों की बढ़ी चिंता
तेज शुरुआत के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून में आई अचानक सुस्ती ने वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है। 4 से 16 जून के बीच मध्य भारत में करीब 65 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।
बाजरा बोने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, छोटी सी चूक घटा सकती है पैदावार
राजस्थान में बाजरे की बुवाई का सही समय आ गया है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार मानसून की पहली बारिश के साथ उन्नत किस्मों और बीजोपचार के सहारे बुवाई करने पर बेहतर अंकुरण और अधिक उपज मिलती है।
खरीफ की फसल का उत्पादन बढ़ाएगा खेत में चूने का प्रयोग, पलामू के कृषि वैज्ञानिक ने बताया सही तरीका
खरीफ सीजन से पहले अम्लीय मिट्टी के सुधार के लिए चूने का इस्तेमाल किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। पलामू के कृषि वैज्ञानिक के अनुसार सही मात्रा और सही समय पर चूना डालने से मिट्टी का पीएच संतुलित होकर उत्पादन बढ़ता है।
मानसून आने से पहले निपटा लें ये 5 जरूरी काम, खरीफ फसलों में होगी रिकॉर्ड पैदावार और बढ़ेगा मुनाफा
दक्षिण-पश्चिम मानसून की आहट के साथ ही खरीफ की तैयारी तेज हो गई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बुवाई से पहले मिट्टी जांच, गहरी जुताई, प्रमाणित बीज और बीज उपचार जैसे उपाय अपनाकर किसान उत्पादन और आमदनी दोनों बढ़ा सकते हैं।