जीवनशैली
18 घंटे पहले
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विचारों
पनीर की शुद्धता परखना क्यों है जरूरी
बाजार से पनीर खरीदते समय अक्सर ग्राहक उसकी सफेदी और कीमत देखकर उसे असली मान लेते हैं, लेकिन यह आपकी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है। गोरखपुर खाद्य विभाग के एसी सुधीर सिंह के अनुसार, मिलावटी और सिंथेटिक पनीर का सेवन शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है और संदिग्ध नमूनों को जब्त किया जा रहा है। आम उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है ताकि वे अपनी थाली तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ ही पहुंचा सकें।
घर पर कैसे करें पनीर की पहचान
पनीर बाजार से घर लाने के बाद आप कुछ आसान शारीरिक और संवेदी परीक्षणों के माध्यम से इसकी गुणवत्ता जांच सकते हैं। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित संकेतों पर गौर करने की सलाह दी है:
- असामान्य रंग: यदि पनीर जरूरत से ज्यादा चमकीला या अजीब तरह से अत्यधिक सफेद दिखाई दे रहा है, तो सावधान हो जाएं। यह कृत्रिम रंगों या अन्य रसायनों के इस्तेमाल का संकेत हो सकता है।
- स्वाद की जांच: पनीर का एक छोटा सा टुकड़ा अपनी जीभ पर रखकर देखें। यदि उसका स्वाद कड़वा लग रहा है या उसमें कोई अजीब सा जायका महसूस हो रहा है, तो उसे बिल्कुल न खाएं।
- बनावट का परीक्षण: असली पनीर में दूध के प्रोटीन और वसा के कारण एक विशेष प्रकार की कोमलता और लचीलापन होता है। यदि पनीर को छूने पर वह रबर की तरह खिंच रहा है, बहुत अधिक सख्त है या फिर हाथ लगाते ही पूरी तरह बिखर रहा है, तो समझ लें कि इसमें मिलावट की गई है।
आयोडीन टेस्ट से स्टार्च का पता लगाएं
पनीर में स्टार्च की मौजूदगी का पता लगाने के लिए एक वैज्ञानिक तरीका आयोडीन टेस्ट भी है। आप घर पर पनीर के एक छोटे टुकड़े पर आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालकर इसकी जांच कर सकते हैं। यदि पनीर का रंग बदलकर नीला या नीला-काला हो जाता है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि इसमें स्टार्च की मिलावट की गई है। हालांकि, यह परीक्षण शुरुआती स्तर पर मदद करता है, लेकिन पनीर की पूरी तरह से पुष्टि और आधिकारिक रिपोर्ट के लिए सरकारी खाद्य प्रयोगशाला में जांच करवाना ही सबसे विश्वसनीय विकल्प होता है।
किन खतरनाक चीजों से बनाया जाता है नकली पनीर
गोरखपुर खाद्य विभाग के एसी सुधीर सिंह के मुताबिक, मिलावटी पनीर तैयार करने के लिए माफिया कई तरह की सस्ती और गैर-खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। इनमें मुख्य रूप से मिल्क पाउडर, रिफाइंड तेल और सोया आधारित सामग्री शामिल होती है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में डिटर्जेंट, रीठा या अन्य औद्योगिक रसायनों का भी उपयोग किया जाता है। खाद्य विशेषज्ञों का साफ कहना है कि डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पेरोक्साइड या हानिकारक औद्योगिक रंगों का भोजन में प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा जोखिम पैदा करता है।
सावधानी ही बचाव है
पनीर खरीदते समय केवल उसकी दिखावट पर भरोसा न करें। यदि आपको पनीर की बनावट में असामान्य सफेदी, कड़वा स्वाद, अजीब गंध, रबर जैसा लचीलापन या फिर बाजार भाव से बेहद कम कीमत जैसे संकेत दिखें, तो ऐसे उत्पाद से दूरी बनाना ही समझदारी है। शक की स्थिति में उसे खाना पूरी तरह से बंद कर दें, क्योंकि स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना आपकी जान पर भारी पड़ सकता है। सतर्क रहें और हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से ही डेयरी उत्पाद खरीदें।
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