धर्म
2 घंटे पहले
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विचारों
मंगला गौरी व्रत और कल्कि जयंती का खास संयोग
हिंदू धर्म में 18 अगस्त 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र माना जा रहा है। इस मंगलवार को न केवल संकटमोचन हनुमान जी की पूजा का विधान है, बल्कि सावन महीने का तीसरा मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा। इसके साथ ही इस खास तिथि पर कल्कि जयंती भी मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु के दसवें अवतार प्रभु कल्कि, माता मंगला गौरी, बजरंगबली और भगवान कार्तिकेय की आराधना करने से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
तिथि और शुभ समय की गणना
पंचांग के अनुसार, सावन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि शाम को 5:50 बजे तक रहेगी। इसके पश्चात सप्तमी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। दिनभर के मांगलिक और शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए आज विशेष मुहूर्त बन रहे हैं:
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से लेकर 12:56 बजे तक रहेगा, जिसे दिन का सबसे श्रेष्ठ और कल्याणकारी समय माना जाता है।
- अमृत काल: रात्रि के समय 9:18 बजे से रात 11:01 बजे तक अमृत काल की अवधि रहेगी।
इस शुभ काल में की गई पूजा-अर्चना और नए कार्यों की शुरुआत अत्यंत फलदायी सिद्ध होती है। श्रद्धालुओं को इस दौरान अपनी साधना और देव आराधना अवश्य करनी चाहिए।
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