हिमाचल प्रदेश
एक घंटा पहले
2
विचारों
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जहां विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्ती को स्वीकृति दी गई, वहीं किसानों, अग्नि प्रभावित परिवारों और भूमिहीन वर्ग को राहत देने वाले कई फैसले भी मंजूर किए गए।
करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार
मंत्रिमंडल ने अलग-अलग कारणों से पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर दोबारा विचार करने को मंजूरी दी। एकमुश्त विशेष उपाय के तहत सबसे उचित अस्वीकृत मामलों की फिर से जांच की जाएगी और जरूरी छूट प्रदान की जाएगी।
सरकारी भूमि नियमितीकरण नीति-2026 को स्वीकृति
कैबिनेट ने सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी। यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो आवासीय, कृषि और बागवानी कार्यों के लिए सरकारी भूमि पर काबिज हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार इस नीति को मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।
किसानों के लिए ब्याज अनुदान योजना
मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी, जिससे प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ पहुंचेगा।
वर्क इंस्पेक्टर और स्वास्थ्य विभाग में बड़ी भर्ती
भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 तथा चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी हरी झंडी मिली।
मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में 162 पद भरने का निर्णय लिया, जिनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अलग-अलग विभागों के 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी गई।
मेडिकल कॉलेजों से जुड़े निर्णय
मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो पद भरने को स्वीकृति दी गई। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के 6 नामित प्रोफेसरों को पात्रता के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम पड़ने के कारण एकमुश्त विशेष छूट देने का फैसला लिया गया।
कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद और ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरा में 3 पद सृजित कर भरे जाएंगे। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय भी लिया गया।
कर्मचारियों के हित में फैसले
मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया तथा पहले अध्ययन अवकाश ले चुके कर्मचारियों को भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा। 31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई, जबकि जॉब ट्रेनीज़ को 15 दिन का पितृत्व अवकाश देने का निर्णय लिया गया।
हमीरपुर जिले के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के तीन पद और मंडलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद सृजित किए जाएंगे। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) तथा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पद भरने का निर्णय भी लिया गया।
परीक्षा शुल्क वापसी और विज्ञापन रद्द
कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप-मंडलों के पुनर्गठन के जरिये चढ़ियार में लोक निर्माण विभाग का नया उप-मंडल स्थापित किया जाएगा। पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग, हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोडों के विज्ञापन वापस लेने तथा संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क लौटाने को मंजूरी दी गई।
स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण
मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण शुरू करने को मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
भांग की खेती पर एनडीपीएस नियमों में संशोधन
चिकित्सा और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित करने के लिए हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
अग्नि प्रभावित परिवारों को राहत पैकेज
शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज मंजूर किया गया। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार 7 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी और कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केन्द्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी। घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को भी स्वीकृति दी, जिसके तहत वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे, जिससे पशुपालकों को रियल-टाइम परमिट उपलब्ध होंगे।
हिम केयर में बीमा कवर बढ़ाया गया
हिम केयर योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया। संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब 5 लाख रुपये के स्थान पर 7 लाख रुपये और 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा।
राज्य नवाचार नीति और पावर सब-स्टेशन
तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को मंजूरी दी गई, जिसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करना है। इसके क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कांगड़ा जिले के पटोला में 132/33 केवी सब-स्टेशन तथा कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब-स्टेशन के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में 40 वर्षों की लीज प्रदान करने को स्वीकृति दी गई।
स्वास्थ्य संस्थानों का स्तरोन्नयन
मंडी जिले के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने और इसके लिए आवश्यक पद सृजित कर भरने को मंजूरी दी गई। नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने, सोलन जिले के मानपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा हमीरपुर जिले के मझेली में प्राथमिक स्वास्थ्य उप-केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया, साथ ही इनके संचालन के लिए जरूरी पद भरे जाएंगे।
मेलों को राज्य और जिला स्तरीय दर्जा
सोलन जिले के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा देने तथा चंबा जिले के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेले और कांगड़ा जिले के इंदौरा स्थित शिवरात्री मेले काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा कांगड़ा जिले के नेरटी रैत मेले, सोलन जिले के अर्की तहसील के बाड़ीधार मेले सरयांज, चंबा जिले के छिंज मेले गरनोटा तथा मंडी जिले के करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय दर्जा देने को मंजूरी मिली।
जुब्बल खेल छात्रावास का स्तरोन्नयन
शिमला जिले के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय, जुब्बल में स्तरोन्नत करने तथा विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित कर भरने को स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सहारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी। बैठक में शिक्षा सचिव ने सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित एक प्रस्तुति भी दी।
Comments
0 comment