शिल्पा शिंदे की मुश्किलें बढ़ीं! झूठे यौन उत्पीड़न मामले में सिने वर्कर्स एसोसिएशन की CM फडणवीस से जांच की अपील मनोरंजन एक घंटा पहले 3
'भाभीजी घर पर हैं' की अभिनेत्री शिल्पा शिंदे के एक पॉडकास्ट खुलासे के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

टीवी सीरियल 'भाभीजी घर पर हैं' से घर-घर में लोकप्रियता हासिल करने वाली अभिनेत्री शिल्पा शिंदे एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई हैं। हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के पॉडकास्ट में उन्होंने इस शो के निर्माता संजय कोहली के खिलाफ दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले को लेकर कुछ बातें कहीं, जिसके बाद से वे विवादों में घिर गई हैं और सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग का शिकार हो रही हैं।

पॉडकास्ट में दिए बयान से छिड़ा विवाद

भारती और हर्ष के पॉडकास्ट पर दिए गए बयानों ने शिल्पा को मुश्किल में डाल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपने चर्चित शो 'भाभी जी घर पर हैं' के मेकर पर यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए थे। इस स्वीकारोक्ति के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई।

सिने वर्कर्स एसोसिएशन की एंट्री

इस पूरे मामले में अब ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (एआईसीडब्ल्यूए) भी सामने आ गया है। संगठन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी एक बयान में कहा कि शिल्पा शिंदे के हालिया बयान ने फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अभिनेत्री के खिलाफ कदम उठाया जाना चाहिए।

झूठे आरोपों के व्यापक असर पर चिंता

संगठन का कहना है कि जब किसी व्यक्ति पर यौन उत्पीड़न के झूठे आरोप लगाए जाते हैं, तो उसका प्रभाव केवल उसी व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। ऐसे आरोपों से उसकी प्रतिष्ठा, परिवार, बच्चों, करियर और मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है।

एसोसिएशन के अनुसार, इस तरह के आरोप किसी की छवि को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं और पूरे परिवार को मुसीबत में डाल सकते हैं। संगठन ने यह भी कहा कि जब कोई जानबूझकर गलत आरोप लगाता है, तो इसका खामियाजा उन लोगों को भी भुगतना पड़ता है जो वास्तव में उत्पीड़न के शिकार हुए हैं। ऐसे मामलों में असली पीड़ितों की बातों पर भी शक किया जाने लगता है और उन्हें न्याय मिलने का रास्ता और कठिन हो जाता है।

असली पीड़ितों के साथ खड़े होने का दावा

एआईसीडब्ल्यूए ने स्पष्ट किया कि वह सभी महिलाओं को कटघरे में खड़ा नहीं कर रहा है। संगठन का मानना है कि फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कई महिलाओं ने सचमुच शोषण और उत्पीड़न झेला है, और उन्हें पूरा समर्थन तथा न्याय मिलना चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि किसी एक मामले के आधार पर असली पीड़ितों की पीड़ा को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

निष्पक्ष जांच की मांग

संगठन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। एसोसिएशन के मुताबिक, अगर जांच में यह साबित होता है कि आरोप जानबूझकर झूठे लगाए गए थे, तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाना भी उतना ही आवश्यक है।

गिरफ्तारी की उठी मांग

शिल्पा शिंदे ने भारती और हर्ष के शो में यह खुलासा किया था कि उन्होंने अपने शो के मेकर पर झूठा आरोप लगाया था। उनकी यह क्लिप वायरल होने के बाद मेन राइट्स एक्टिविस्ट ने भी अभिनेत्री को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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