करियर
40 मिनट पहले
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आज के दौर में हर विद्यार्थी ऐसा कोर्स चुनना चाहता है, जिससे उसका भविष्य संवर सके और रोजगार के पक्के मौके मिलें। ऐसे ही एक कोर्स की चर्चा यहां की जा रही है, जिसमें प्लेसमेंट के साथ-साथ सरकारी नौकरी की भी प्रबल संभावना रहती है। बी.लिब. (B.Lib.I.Sc) यानी बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस और एम.लिब. (M.Lib.I.Sc) ऐसे ही कोर्स हैं, जिन्हें करके कई छात्र अपनी जिंदगी संवार चुके हैं।
सागर जिले के सरकारी और निजी कॉलेजों में बी.लिब. और एम.लिब. कोर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। अच्छी सैलरी वाली नौकरी की तलाश में जुटे छात्रों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है।
कहां-कहां होती है पढ़ाई
सागर की डॉक्टर हरिसिंह सेंट्रल यूनिवर्सिटी, रानी अवंती बाई लोधी राजकीय विश्वविद्यालय और शासकीय कन्या महाविद्यालय आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज सहित कई प्राइवेट कॉलेजों में बी.लिब. और एम.लिब. कोर्स कराए जा रहे हैं। यहां हर साल विद्यार्थी बड़ी दिलचस्पी के साथ दाखिला लेते हैं। हालांकि सीटें सीमित रहती हैं, फिर भी किसी भी कॉलेज में ये कभी खाली नहीं रहतीं।
एडमिशन की मौजूदा स्थिति
सागर जिले के 22 सरकारी कॉलेजों में दूसरे चरण के एडमिशन के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब तक करीब 14000 दाखिले हो पाए हैं, जबकि अंडर ग्रेजुएशन की 12000 सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं।
आगामी 15 जून से सीएलसी राउंड शुरू होगा। इसमें जो विद्यार्थी अब तक एडमिशन से वंचित रह गए हैं या ऑनलाइन पंजीयन नहीं करा सके हैं, उन्हें कॉलेज स्तर पर ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ सीधे दाखिला दिया जाएगा।
बी.लिब.-एम.लिब. के बाद करियर के कई विकल्प
बी.लिब. और एम.लिब. कोर्स पूरा करने के बाद विद्यार्थी प्राइवेट शिक्षण संस्थानों, सरकारी विभागों और कॉर्पोरेट जगत में लाइब्रेरियन, लाइब्रेरी असिस्टेंट या इन्फॉर्मेशन ऑफिसर के रूप में करियर बना सकते हैं। यह शांत, स्थिर और सम्मानजनक सरकारी या निजी नौकरी हासिल करने का एक बढ़िया जरिया है। इसके अलावा यूजीसी नेट (UGC NET) परीक्षा पास करने पर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का अवसर भी मिलता है।
15 हजार से 50 हजार तक सैलरी
लाइब्रेरियन की बात करें तो सरकारी और प्राइवेट स्कूलों से लेकर कॉलेज और यूनिवर्सिटी तक में इस पद पर अलग से भर्ती होती है। इतना ही नहीं, एम.लिब. करने और यूजीसी नेट परीक्षा पास करने के बाद आप यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी साइंस के छात्रों को पढ़ा भी सकते हैं, यानी असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए पात्र हो जाएंगे। वेतन की बात करें तो यह 15000 से लेकर 50000 रुपये तक हो सकता है।
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