मालवीय नगर होटल अग्निकांड में उत्तराखंड के शेफ की गिरफ्तारी, सांसद अनिल बलूनी ने जताई नाराजगी उत्तराखंड 39 मिनट पहले 1
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत के बाद उत्तराखंड निवासी शेफ केशव नेगी को गिरफ्तार किया गया है। गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने इस गिरफ्तारी पर आपत्ति जताते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर से पूरी रिपोर्ट तलब की है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए होटल अग्निकांड का तार उत्तराखंड से जुड़ गया है। इस मामले में उत्तराखंड के रहने वाले शेफ केशव नेगी को गिरफ्तार किया गया है, जिसे लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

सांसद ने गिरफ्तारी पर जताई आपत्ति

गढ़वाल से सांसद अनिल बलूनी ने शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को लेकर दिल्ली पुलिस कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उल्लेखनीय है कि बीते बुधवार को दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर की एक संकरी गली में बिना अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के चल रहे एक होटल में भयावह आग भड़क उठी थी, जिसमें कम से कम 21 लोगों की जान चली गई। मृतकों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

कैसे फैली मौत बनकर आग

मालवीय नगर के हौज रानी स्थित ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ में बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी और कुछ ही पलों में यह पूरी इमारत में फैल गई, जिसने वहां मौजूद लोगों को सकते में डाल दिया। पांच मंजिला इस संकरी इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए कई स्थानीय निवासियों के साथ बचाव दल मौके पर पहुंचा। हादसे के वक्त इमारत के भीतर कई लोग सो रहे थे।

अधिकारियों के मुताबिक इमारत में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था, खिड़कियां पूरी तरह स्थायी रूप से बंद कर दी गई थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर से संचालित होता था। ये तमाम वजहें मिलकर इस इमारत को एक तरह से मौत के जाल में तब्दील कर चुकी थीं।

21 लोगों की गई जान

अधिकारियों ने बताया कि होटल से कम से कम 58 लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 21 लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में 9 भारतीय शामिल हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। यह बीते वर्षों में शहर में हुई सबसे भीषण आग की घटनाओं में से एक मानी जा रही है।

नियमों की अनदेखी आई सामने

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिल्ली सरकार की ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नीति के तहत इस होटल को केवल छह कमरों के संचालन की ही अनुमति मिली थी, लेकिन यहां 25 कमरों का इस्तेमाल किया जा रहा था। यही नहीं, तहखाने में भी कमरे बना दिए गए थे। शुरुआती जांच में सामने आए इन तथ्यों ने प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की खुली अनदेखी को उजागर कर दिया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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