NASA का X-59: 1147 KMPH की रफ्तार पर भी बिना धमाके के आसमान में उड़ा यह खास विमान विश्व एक घंटा पहले 3
नासा के एक्सपेरिमेंटल विमान X-59 ने मैक 1.1 यानी करीब 1147 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार हासिल की, लेकिन इसके अनोखे डिजाइन की वजह से इसने कोई सोनिक बूम पैदा नहीं किया।

नासा ने विमानन की दुनिया में एक नया अध्याय लिख दिया है। उसके नए प्रयोगात्मक विमान एक्स-59 ने पहली बार ध्वनि की गति को पार करने में सफलता पाई है। कैलिफोर्निया स्थित एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर हुए परीक्षण के दौरान इस विमान ने मैक 1.1 की रफ्तार छू ली। इसका अर्थ है कि विमान ध्वनि की गति से 1.1 गुना तेज उड़ रहा था, जिसे किलोमीटर में आंका जाए तो यह तकरीबन 1147 किलोमीटर प्रति घंटा बैठती है।

रफ्तार के बावजूद नहीं हुआ सोनिक बूम

सबसे अहम बात यह रही कि सुपरसोनिक गति से उड़ने के बाद भी इस विमान ने सोनिक बूम पैदा नहीं किया। आम तौर पर जब कोई विमान ध्वनि की गति से तेज उड़ता है, तो एक तेज धमाके जैसी गूंज सुनाई देती है, जिसे सोनिक बूम कहा जाता है। इसी वजह से कई देशों में जमीन के ऊपर सुपरसोनिक उड़ानों पर लंबे समय से प्रतिबंध लगा हुआ है।

नासा का एक्स-59 ठीक इसी समस्या का हल लेकर सामने आया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह विमान किसी जोरदार धमाके के बजाय केवल एक हल्की आवाज पैदा करेगा, जो दूर से सुनने पर किसी कार का दरवाजा बंद होने जैसी प्रतीत हो सकती है।

अनोखे डिजाइन में छिपा राज

इस विमान की सबसे बड़ी विशेषता इसका अलग किस्म का डिजाइन है। इसकी नोज करीब 30 फीट लंबी है और इसके आकार को इस तरह तैयार किया गया है कि हवा में बनने वाली शॉकवेव किसी बड़े धमाके में न बदलें। इसके बजाय ये तरंगें छोटे-छोटे हिस्सों में बंट जाती हैं, और यही कारण है कि इसकी आवाज बेहद कम रह जाती है।

इस तकनीक को विकसित करने के लिए नासा ने आधुनिक कंप्यूटर मॉडलिंग और एयरोडायनामिक डिजाइन का सहारा लिया है। इसके अलावा विमान का इंजन ऊपर की ओर लगाया गया है, ताकि इंजन की आवाज जमीन तक कम पहुंच सके।

शांत सुपरसोनिक यात्रा की राह

यदि यह परियोजना कामयाब रहती है, तो आने वाले समय में तेज और शांत सुपरसोनिक उड़ानों का रास्ता खुल सकता है। इससे बिना किसी शोर के लंबी दूरी का सफर कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

फिलहाल वैज्ञानिक एक्स-59 को और तेज उड़ाने की तैयारी में जुटे हैं। अगला लक्ष्य मैक 1.4 की रफ्तार हासिल करना है, जो करीब 1488 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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