घर पर तैयार करें हलवाई जैसी रसीली पीड़िकिया, विशेषज्ञ सीताराम साह ने साझा की खास विधि जीवनशैली एक घंटा पहले 2
त्योहारों के मौके पर बाजार जैसी खस्ता और चाशनी में डूबी पीड़िकिया बनाने का सपना अब सच होगा, अनुभवी हलवाई सीताराम साह ने इसके लिए आसान नुस्खे बताए हैं।

परंपरागत स्वाद और पीड़िकिया की खासियत

भारत में त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर पारंपरिक मिठाइयों का खास महत्व होता है। इनमें चाशनी वाली रसीली और खस्ता पीड़िकिया लोगों की सबसे पसंदीदा मिठाई में से एक है। अक्सर लोग बाजार से इसे खरीदकर लाते हैं, लेकिन घर पर बनी शुद्ध मिठाई की बात ही कुछ और होती है। पीड़िकिया बनाने के अपने दशकों पुराने अनुभव को साझा करते हुए मशहूर हलवाई सीताराम साह ने बताया कि अगर कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए, तो घर पर भी बिल्कुल बाजार जैसा स्वाद मिल सकता है।

मैदा गूंथने का सही तरीका

सीताराम साह के अनुसार, पीड़िकिया का आधार उसकी बाहरी परत होती है। इसकी शुरुआत उत्तम गुणवत्ता वाले मैदे को सही ढंग से तैयार करने से होती है। मैदे में मोयन के तौर पर शुद्ध घी, डालडा या रिफाइंड का उपयोग किया जा सकता है। मैदे को नरम नहीं बल्कि सख्त गूंथना बहुत जरूरी है। इसके लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करने से परत ज्यादा खस्ता और कुरकुरी बनती है। गूंथे हुए मैदे को थोड़ी देर के लिए ढक कर रखना भी अच्छे परिणाम देता है।

भरवां मिश्रण और आकार

मैदा तैयार होने के बाद इसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाई जाती हैं और उन्हें बेलकर गोल आकार दिया जाता है। इसके अंदर मावा और सूखे मेवों का स्वादिष्ट मिश्रण भरा जाता है। किनारों को सावधानी से मोड़ते हुए इन्हें एक सुंदर और आकर्षक आकार दिया जाता है, जो पीड़िकिया की पहचान है।

तलने की कला

हलवाई बताते हैं कि सबसे महत्वपूर्ण चरण इन्हें तलना है। इसके लिए तेल या घी को धीमी आंच पर हल्का गरम करना चाहिए। जब तेल में बहुत छोटे-छोटे बुलबुले नजर आने लगें, तब पीड़िकिया को इसमें डालना चाहिए। ध्यान रखें कि इन्हें हमेशा धीमी आंच पर ही तलें ताकि ये अंदर तक अच्छी तरह पक सकें और इनका रंग सुनहरा हो जाए।

चाशनी में डुबोने की विधि

तलने के बाद अंतिम चरण चाशनी का होता है। इसके लिए एक तार की चाशनी तैयार की जाती है। तली हुई गरम-गरम पीड़िकिया को इस चाशनी में 2 से 3 मिनट तक डुबोकर रखा जाता है और फिर बाहर निकाल लिया जाता है। सीताराम साह का कहना है कि जो लोग कम मीठा पसंद करते हैं, वे इसे बिना चाशनी के भी सूखा खा सकते हैं। हालांकि, जो लोग रसीली मिठाई के शौकीन हैं, उनके लिए चाशनी में डूबी हुई पीड़िकिया सबसे बेहतरीन विकल्प है। इस आसान विधि का पालन करके आप भी अपने घर पर मेहमानों और परिवार के लिए स्वादिष्ट पीड़िकिया तैयार कर सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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