झारखंड
एक घंटा पहले
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विचारों
खेती में डिजिटल तकनीक का कमाल
बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड स्थित ओरदाना गांव के रहने वाले किसान मनोज महतो ने कृषि के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश की है। पिछले 10 वर्षों से लगातार सब्जियों की खेती से जुड़े मनोज ने पारंपरिक तरीकों से हटकर यूट्यूब और अन्य सफल किसानों से कृषि संबंधी नई तकनीकें सीखी हैं। उन्होंने खेती को केवल जीवन यापन का साधन नहीं, बल्कि आय का एक बेहतरीन जरिया बना लिया है। उनकी इस कामयाबी ने क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी रास्ते खोल दिए हैं।
बैंगन की खेती का सफल मॉडल
मनोज महतो ने मई के महीने में अपनी एक एकड़ जमीन पर बैंगन की फसल लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि बैंगन की फसल बहुत कम समय में तैयार होने वाली नकदी फसल है। इस फसल के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि बैंगन के पौधे बुआई के करीब 50 से 60 दिनों के भीतर उत्पादन देने के लिए तैयार हो जाते हैं। एक बार फसल तैयार होने के बाद इसकी तुड़ाई लगभग तीन महीने तक लगातार की जा सकती है, जिससे लंबे समय तक बाजार में सब्जियां उपलब्ध रहती हैं।
उत्पादन और कमाई का गणित
मनोज के आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे सीजन में एक एकड़ जमीन से लगभग 120 से 150 क्विंटल बैंगन का उत्पादन प्राप्त होता है। खेती की लागत की बात करें तो इसमें कुल 35 हजार रुपये का खर्च आता है। इन बैंगन को बेचने के लिए वे स्थानीय पेटरवार हाट का रुख करते हैं, जहां उन्हें औसतन 25 से 30 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव मिल जाता है। यदि औसतन 100 क्विंटल का भी उत्पादन मान लिया जाए, तो किसान करीब 2 लाख 50 हजार रुपये तक की कमाई आसानी से कर सकता है। इस प्रकार, लागत घटाने के बाद किसान के हाथ में 2 लाख 15 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा आता है।
फसल को सुरक्षित रखने के उपाय
मनोज का कहना है कि बैंगन की खेती में सबसे बड़ी चुनौती वायरस का संक्रमण है, जो पूरी फसल को नष्ट कर सकता है। इससे बचने के लिए उन्होंने कुछ खास सुझाव भी दिए हैं:
- खेत का नियमित रूप से निरीक्षण करना अनिवार्य है।
- वायरस के प्रकोप से बचने के लिए समय पर उचित कीटनाशकों का छिड़काव करें।
- यदि किसी पौधे में बीमारी के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत उखाड़कर नष्ट कर देना चाहिए।
इन सावधानियों का पालन करके किसान न केवल बेहतर पैदावार ले सकते हैं, बल्कि घाटे की आशंका को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं। मनोज महतो की यह कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो कृषि को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना चाहते हैं।
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