बारामूला में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, एक आतंकी दबोचा, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जब्त जम्मू-कश्मीर 2 घंटे पहले 6
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने एक संयुक्त अभियान के दौरान एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में सेना और पुलिस के साथ मिलकर सीआरपीएफ ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए अपने अभियान में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शनिवार को जिले के शेरी क्षेत्र के फथागढ़ इलाके में एक सुनियोजित संयुक्त अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने एक सक्रिय आतंकवादी को धर दबोचा। इस कार्रवाई के दौरान आतंकवादी के पास से हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है।

संयुक्त सैन्य अभियान की रूपरेखा

आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह सफल ऑपरेशन कई सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल का परिणाम था। इस संयुक्त अभियान में मुख्य रूप से निम्नलिखित टुकड़ियाँ शामिल थीं:

  • भारतीय सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स
  • बारामूला पुलिस की विशेष टीम।
  • केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 53वीं बटालियन।

इन सुरक्षाबलों ने सूचना मिलने के बाद फथागढ़ के पूरे इलाके को घेर लिया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद आतंकवादी की गिरफ्तारी संभव हो सकी।

आतंकी की पहचान और जांच का दायरा

सुरक्षा एजेंसियों ने भले ही आतंकवादी को पकड़ लिया हो, लेकिन सुरक्षा कारणों और जांच की गोपनीयता बनाए रखने के लिए अभी तक गिरफ्तार व्यक्ति के नाम या उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। साथ ही, जब्त किए गए हथियारों की कुल संख्या और उनके प्रकार के बारे में विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

कुलगाम में भी सुरक्षा सख्त

बारामूला की इस घटना के ठीक एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में दो प्रवासी मजदूरों की हत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद पूरे कश्मीर घाटी में सुरक्षा तंत्र अलर्ट पर है। शनिवार को सुरक्षाबलों ने उन आतंकियों की धर-पकड़ के लिए अपना तलाशी अभियान तेज कर दिया है जो उन मजदूरों की हत्या में शामिल थे।

उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा और निर्देश

कुलगाम की घटना के बाद प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात सहित अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। उपराज्यपाल ने सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के सफाए के लिए अपने अभियान में और अधिक तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

इसके साथ ही, उपराज्यपाल ने सभी उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए लागू SoP यानी मानक संचालन प्रक्रियाओं की पूरी तरह से समीक्षा करें। पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और वहां मौजूद सुरक्षा स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों ने भी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस और विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) दोनों ने कुलगाम हत्याकांड की गहन जांच की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने इन घटनाओं के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि घाटी में आम नागरिकों, विशेषकर बाहर से आए कामगारों का भरोसा कायम रखा जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में आतंकवाद विरोधी अभियानों को और अधिक तीव्रता दी जाएगी ताकि घाटी में शांति और व्यवस्था बनी रहे। यह पूरी कार्रवाई कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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